भारतीय किसान यूनियन लीडर राकेश टिकैत एकबार फिर धरने पर बैठने जा रहे हैं. आजादी के 75वें वर्ष पर किसान लीडर राकेश टिकैत का धरना लखीमपुर खीरी हिंसा में मारे गए किसानों के परिवारों को न्याय दिलाने के लिए किया जाएगा. टिकैत की लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी की गिरफ्तारी और मंत्रिमंडल से बर्खास्तगी की मांग है
भारतीय किसान यूनियन लीडर राकेश टिकैत ने आज तक से बातचीत में कहा है कि वे देश की आजादी के 75वें वर्ष पर 75 घंटे का धरना प्रदर्शन करने जा रहे हैं. राकेश टिकैट यह प्रदर्शन लखीमपुर डीएम ऑफिस के सामने करेंगे. राकेश टिकैत का कहना है कि लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में मृत किसानों के परिवार को न्याय नहीं मिला है. हमारी मांग है कि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी को गिरफ्तार किया जाए और उन्हें मंत्रिमंडल से बर्खास्त किया जाए. राकेश टिकैत का 75 घंटे का यह धरना प्रदर्शन 18 अगस्त से शुरू होकर 20 अगस्त तक चलेगा.
उन्होंने आगे कहा कि, एक ओर जहां देश में आजादी का 75वां अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है तभी हम लोग लखीमपुर हिंसा में मारे गए किसानों के परिवार वालों को न्याय दिलाने के लिए, जेल में बंद किसानों के न्याय की लड़ाई लड़ने के लिए 75 घंटे का धरना प्रदर्शन लखीमपुर डीएम ऑफिस के सामने करने जा रहे हैं.
बता दें कि, 3 अक्टूबर 2021 को लखीमपुर खीरी के तिकुनिया में हिंसा हुई थी. आरोप है कि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा उर्फ मोनू ने अपनी जीप से चार किसानों को कुचल दिया था. इसके बाद गुस्साई भीड़ ने आशीष के ड्राइवर समेत चार लोगों की हत्या कर दी थी.
इस मामले में उत्तर प्रदेश SIT ने 5000 पेज की चार्जशीट दाखिल की थी. एसआईटी ने आशीष मिश्रा को मुख्य आरोपी बताया था. इस मामले में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी ने चुनौती देते हुए कहा था कि अगर कोई घटनास्थल पर उनके बेटे की मौजूदगी का एक भी वीडियो दिखा दे तो वह मंत्री पद से इस्तीफा दे देंगे.