
पूर्व केंद्रीय मंत्री और दिवंगत रामविलास पासवान के दिल्ली स्थित 12 जनपथ सरकारी आवास को लेकर राजनीति शुरू हो गई है. एक ओर जहां बंगले में रामविलास पासवान की मूर्ति लगा दी गई तो आरजेडी ने पासवान के दिल्ली आवास को स्मारक बनाने की मांग की है.
बिहार की मुख्य विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने रामविलास पासवान के दिल्ली आवास को स्मारक बनाने की मांग उठाई है. आरजेडी प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा है कि बीजेपी रामविलास पासवान को अपमानित करने की कोशिश कर रही है.
प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान जिस घर में 31 साल रहे उसे उनके स्मारक के रूप में बदला जाना चाहिए. आरजेडी इसके समर्थन में है. उन्होंने यह भी कहा कि कलयुग में राम को अपने हनुमान (चिराग) के साथ ऐसा व्यवहार नहीं करना चाहिए.
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बंगले पर पासवान की प्रतिमा स्थापित
पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के पिछले साल निधन के बाद सरकारी आवास 12 जनपथ को खाली करने का आदेश जारी किया गया था. नए केंद्रीय मंत्रियों को बंगला अलॉट किए जाने के सिलसिले के तहत यह बंगला रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को आवंटित कर दिया गया.
लेकिन अब यह बंगला खाली करने की चर्चा के बीच यहां रामविलास पासवान की प्रतिमा स्थापित कर दी गई है. यही नहीं घर के अंदर रामविलास पासवान स्मृति का बोर्ड भी लगा दिया गया है.
लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) के नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान को यह बंगला अलॉट था और उनकी मृत्यु के बाद वहां उनके पुत्र चिराग पासवान अपनी माताजी के साथ रहते हैं. रामविलास पिछले 31 साल से 12 जनपथ में रह रहे थे.
एक जानकारी के मुताबिक शहरी विकास एवं आवास मंत्रालय की ओर से पिछले महीने की 14 तारीख को चिराग पासवान को 12, जनपथ का बंगला खाली करने का नोटिस भेजा गया था. जिसके बाद उन्होंने बंगला खाली करने के लिए कुछ और मोहलत मांगी थी. साथ ही यह भी पूछा था कि क्या वो अपने पिता के मृत्यु की पहली बरसी तक 12, जनपथ का सरकारी बंगला अपने पास रख सकते हैं.