उत्तराखंड में चुनावी हार के बाद कांग्रेस में फिर से सिर फुटौव्वल शुरू हो गई है. प्रीतम सिंह और हरीश रावत के बीच आरोप-प्रत्यारोप के बाद रंजीत रावत भी अब इस जंग में कूद पड़े हैं. अब रंजीत रावत ने भी हरीश रावत के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. रंजीत रावत ने हरीश रावत पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा है कि हरीश रावत ने पैसे लेकर टिकट बांटे.
रंजीत रावत ने कहा कि टिकट नहीं मिलने पर लोग अब हरीश रावत को तलाश रहे हैं. कुछ लोगों के पैसे हरीश रावत के मैनेजर ने लौटा दिए लेकिन कुछ अभी भी पैसे मांगते हुए नजर आ रहे हैं. रंजीत रावत ने हरीश रावत पर हमला बोलते हुए कहा कि नए नेताओं को हरीश रावत ऐसे अफीम चटा देते हैं कि वे मोहपाश से बाहर ही नहीं निकल पाते. मुझे खुद हरीश रावत के सम्मोहन से निकलने में 36 साल लग गए.
रंजीत रावत ने हरीश रावत पर निशाना साधते हुए कहा कि वे कांग्रेस की हार के सबसे बड़े जिम्मेदार हैं. हरीश रावत के उस बयान पर भी रंजीत रावत ने जवाब दिया जिसमें उन्होंने कहा का था कि 2017 में रामनगर से चुनाव लड़ना चाहते थे. रंजीत रावत ने कहा कि ऐसा नहीं है. हरीश रावत ने मुझे कहा था कि सल्ट में तुमने इतना काम किया लेकिन जनता ने तुम्हें हरा दिया. अब रामनगर से चुनाव लड़ो.
रंजीत रावत ने कहा कि पार्टी के पदाधिकारियों और तमाम नेताओं के दबाव में मैंने इस बार गलती कर दी. रामनगर से ही मेरी छह साल से तैयारी थी और सल्ट में मैं तैयारी नहीं कर रहा था जिसके चलते हार का मुंह देखना पड़ा. उनके अनुसार 2022 में मुझे रामनगर से कहीं और भेजा जा रहा था तो सीधे तौर पर इसलिए मना कर दिया था क्योंकि फुटबॉल नहीं हूं जो मुझे इधर से उधर भेजते रहेंगे. मुझे ये बर्दाश्त नहीं था.
गौरतलब है कि उत्तराखंड चुनाव में पूर्ण बहुमत के साथ भारतीय जनता पार्टी ने फिर से सत्ता पर कब्जा कर लिया. चुनावी हार के बाद उत्तराखंड कांग्रेस में घमासान मचा है. कुछ साल पहले तक रंजीत रावत से लेकर प्रीतम सिंह तक हरीश रावत के बेहद करीबी माने जाते थे. चुनावी हार के बाद दोनों ही नेताओं ने हरीश रावत के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है.