एनसीपी प्रमुख शरद पवार के घर पर मंगलवार को विपक्षी दलों के नेताओं की बैठक हुई. ये मीटिंग उनके दिल्ली स्थित सरकारी आवास 6 जनपथ पर हुई. करीब ढाई घंटे तक चलने के बाद ये मीटिंग खत्म हो गई है. हालांकि, इस मीटिंग में कोई भी कद्दावर नेता नजर नहीं आया. कांग्रेस की ओर से भी कोई बड़ा नेता इस मीटिंग में नहीं पहुंचा. मीटिंग खत्म होने के बाद एनसीपी सांसद माजिद मेमन ने कहा कि ये बैठक शरद पवार ने नहीं, बल्कि यशवंत सिन्हा ने बुलाई थी.
शरद पवार के घर ये मीटिंग शाम 4 बजे के बाद शुरू हुई. इस मीटिंग में नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला मीटिंग में तो पहुंचे थे, लेकिन थोड़ी ही देर में वहां से निकल भी गए.
इस मीटिंग में शरद पवार की बेटी और सांसद सुप्रिया सुले, कांग्रेस के पूर्व प्रवक्ता संजय झा, एनसीपी के राज्यसभा सांसद माजिद मेमन, सीपीआई नेता बिनय विश्वम, सीपीएम नेता निलोत्पल बासु, टीएमसी नेता यशवंत सिन्हा, एनसीपी से राज्यसभा सांसद वंदन चव्हाण मौजूद रहे. इनके अलावा पूर्व राजदूत केसी सिंह, समाजवादी पार्टी की ओर से घनश्याम तिवारी, पूर्व सांसद जयंत चौधरी और आप की तरफ से सुशील गुप्ता समेत बाकी नेता भी शामिल हुए. हालांकि, मीटिंग से बड़े नेता नदारद रहे.
इस मीटिंग के बीजेपी छोड़कर टीएमसी में आए यशवंत सिन्हा ने बताया कि ढाई घंटे चली मीटिंग में कई सारे मुद्दों पर चर्चा हुई. वहीं, निलोत्पल बासु ने बताया कि इस मीटिंग में कोई राजनीतिक चर्चा नहीं हुई. सिर्फ बेरोजगारी और महंगाई को लेकर चर्चा हुई.
मीटिंग के बाद माजिद मेमन ने कहा कि कुछ मीडिया में ऐसा कहा जा रहा है कि ये मीटिंग बीजेपी के खिलाफ मोर्चा तैयार करने के लिए बुलाई गई है, लेकिन ऐसा नहीं है. उन्होंने ये भी बताया कि "ऐसा चल रहा है कि ये मीटिंग शरद पवार ने बुलाई थी. ऐसा नहीं है. ये मीटिंग राष्ट्र मंच के प्रमुख यशवंत सिन्हा ने बुलाई थी. हम सभी राष्ट्र मंच के फाउंडिंग मेंबर हैं."
उन्होंने ये भी कहा कि कोई राजनीतिक भेदभाव नहीं है. उन्होंने बताया कि "मैंने खुद विवेक तनखा, मनीष तिवारी, शत्रुघ्न सिन्हा, अभिषेक मनु सिंघवी, कपिल सिब्बल जैसे नेताओं को आमंत्रित किया था. लेकिन इनमें से कोई भी नेता इस समय दिल्ली में नहीं है. इसलिए कांग्रेस मीटिंग में नहीं आ सकी."
वहीं, सपा नेता घनश्याम तिवारी ने बताया कि "हमने यशवंत सिन्हा को एक टीम बनाने के लिए अथॉराइज किया है. इस टीम का काम देश में चल रहे मुद्दों को लेकर सुझाव देना होगा. कोई भी व्यक्ति, राजनीतिक पार्टी का सदस्य इस टीम का हिस्सा बन सकता है." उन्होंने ये भी बताया कि राष्ट्र मंच की एक और बैठक होगी.