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मुशर्रफ को लेकर किए ट्वीट पर थरूर कायम, BJP से पूछा- वाजपेयी सरकार ने क्यों की थी युद्ध विराम पर बात?

पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ के निधन पर कांग्रेस नेता शशि थरूर ने शोक व्यक्त कर, उन्हें 'शांति की वास्तविक ताकत' बताया था. उनके इस बयान पर भाजपा ने आपत्ति जताई थी और कहा था कि कांग्रेस का रवैया हमेशा पाक हितैशी रहा है. इसके बाद अब थरूर ने बीजेपी पर निशाना साधा है.

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शशि थरूर/परवेज मुशर्रफ/शहजाद पूनावाला (File Photo)
शशि थरूर/परवेज मुशर्रफ/शहजाद पूनावाला (File Photo)

पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति और पूर्व सेना प्रमुख परवेज मुशर्रफ के निधन पर कांग्रेस नेता और सांसद शशि थरूर ने ट्वीट किया था. उनके ट्वीट के बाद बीजेपी ने उन पर हल्ला बोल दिया था. लेकिन अब इस मुद्दे पर थरूर का एक और ट्वीट सामने आया है. उन्होंने कहा है कि बीजेपी से सवाल किया है कि अगर मुशर्रफ सभी देशभक्त भारतीयों के लिए अभिशाप थे, तो बीजेपी सरकार ने 2003 में उनके साथ युद्ध विराम की बातचीत क्यों की और 2004 के वाजपेयी-मुशर्रफ ने संयुक्त बयान पर हस्ताक्षर क्यों किए? क्या उन्हें तब एक विश्वसनीय शांति साथी के रूप में नहीं देखा गया था?

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दरअसल, थरूर के ट्वीट पर आपत्ति जताते हुए भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कांग्रेस पर निशाना साधा था. पूनावाला ने थरूर और कांग्रेस को पाक हितैशी बताया था. शहजाद पूनावाला ने ट्वीट किया था कि परवेज मुशर्रफ करगिल युद्ध के आर्किटेक्ट, तानाशाह, जघन्य अपराधों के आरोपी थे. उन्होंने तालिबान और ओसामा को 'भाई' और 'नायक' माना था. जिन्होंने अपने ही मृत सैनिकों के शवों को वापस लेने से इनकार कर दिया था, कांग्रेस उनका स्वागत कर रही है! उन्होंने कहा था कि आश्चर्य हो रहा है? फिर, कांग्रेस की पाक परस्ती सामने आई है.

पूनावाला ने आगे कहा था कि एक जमाने में मुशर्रफ ने राहुल गांधी की सज्जन व्यक्ति के तौर पर तारीफ की थी, शायद यही मुशर्रफ कांग्रेस को प्रिय हैं. धारा 370 से लेकर सर्जिकल स्ट्राइक तक बालाकोट पर संदेह करने वाली कांग्रेस ने पाक की जुबानी बोली और मुशर्रफ की जयकार की. शहजाद पूनावाला ने आगे लिखा कि यही कांग्रेस है, जिसे मुशर्रफ और पाक तो पसंद हैं, लेकिन अपने ही देश के प्रमुख को सड़क का गुंडा कहा.

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दरअसल, शशि थरूर ने ट्वीट किया था कि पूर्व पाकिस्तानी राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ का दुर्लभ बीमारी से निधन हो गया. वो एक बार भारत के एक कट्टर दुश्मन रहे, लेकिन वही मुशर्रफ 2002-2007 के बीच में शांति के लिए एक वास्तविक ताकत बनकर उभरे. शशि थरूर ने आगे लिखा था मैं उन दिनों संयुक्त राष्ट्र में हर साल उनसे मिला और उन्हें अपनी रणनीतिक सोच में स्मार्ट, आकर्षक और स्पष्ट पाया. थरूर के अलावा PDP प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने भी परवेज मुशर्रफ के निधन पर दुख व्यक्त किया था और मुशर्रफ के बारे में लिखा था कि उन्होंने कश्मीर मुद्दे को संबोधित करने की कोशिश की.

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