कांग्रेस के चिट्ठी विवाद पर शिवसेना ने बयान दिया है. शिवसेना ने गुरुवार को कहा कि कांग्रेस के 23 नेताओं द्वारा सोनिया गांधी को लिखा गया पत्र राहुल गांधी के नेतृत्व को समाप्त करने की एक साजिश थी.
शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ में प्रकाशित संपादकीय में लिखा गया है कि ये नेता तब कहां थे जब बीजेपी राहुल गांधी पर तीखे हमले कर रही थी और उनके कांग्रेस अध्यक्ष पद छोड़ने के बाद इन नेताओं ने पार्टी को सक्रिय करने की चुनौती क्यों नहीं ली. सामना में लिखा गया कि जब भीतर से ही लोग राहुल गांधी के नेतृत्व को खत्म करने के राष्ट्रीय षड्यंत्र में लिप्त हैं, तो पार्टी को ‘पानीपत’ (हार) मिलना तय है. इन पुराने नेताओं ने राहुल गांधी को आंतरिक रूप से नुकसान पहुंचाया है, ऐसा नुकसान जो बीजेपी ने भी उन्हें नहीं पहुंचाया है.
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शिवसेना ने कहा कि उनमें से कोई भी जिला स्तर का नेता भी नहीं है, लेकिन गांधी और नेहरू परिवार के बल पर मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री बने. गौरतलब है कि शिवसेना ने पिछले साल बीजेपी से अलग होने के बाद महाराष्ट्र में सरकार बनाने के लिए कांग्रेस और एनसीपी के साथ गठबंधन किया था.
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संपादकीय में लिखा गया है कि सभी राज्यों में कांग्रेस के पुराने नेता केवल अपना ‘स्थान’ बचाए रखने के लिए सक्रियता दिखाते हैं और समयानुसार बीजेपी से हाथ मिलाते हैं. वे केवल यही सक्रियता दिखाते हैं. राहुल गांधी और सोनिया गांधी इसके बारे में क्या कर सकते हैं? यह एक एक नया राजनीतिक कोरोना वायरस है.