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'शिवसेना अब अस्तित्व में नहीं,' केंद्रीय मंत्री नारायण राणे का उद्धव ठाकरे पर हमला

केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता नारायण राणे का कहना था कि शिवसेना अब अस्तित्व में नहीं है. शिवसेना लगभग खत्म हो गई है. 2019 के चुनाव में शिवसेना के 56 विधायक जीते थे, उनमें से सिर्फ 5-6 बाकी रह गए हैं. वे भी साथ छोड़ेंगे. किसी भी समय मेरे संपर्क में आ सकते हैं.

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केंद्रीय मंत्री नाराण राणे ने बिना नाम लिए उद्धव ठाकरे पर निशाना साधा है.
केंद्रीय मंत्री नाराण राणे ने बिना नाम लिए उद्धव ठाकरे पर निशाना साधा है.

केंद्रीय मंत्री नारायण राणे ने रविवार को बड़ा दावा किया है. उन्होंने बिना नाम लिए कहा कि शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) अब खत्म हो गई है. कोई शिवसेना नहीं बची है. जो 5-6 विधायक बाकी हैं, वे भी साथ छोड़ देंगे. किसी भी समय बीजेपी के साथ आ सकते हैं. 

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बता दें कि नारायण राणे भी एक समय शिवसेना के कद्दावर नेताओं में गिने जाते थे. बाद में उन्होंने शिवसेना छोड़कर बीजेपी जॉइन कर ली थी. राणे बीजेपी के टिकट पर लोकसभा सांसद बने और अब केंद्रीय मंत्री हैं. उनके बेटे नीतीश राणे भी विधायक हैं. महाराष्ट्र में राणे परिवार और उद्धव के बीच सियासी अदावत देखने को मिलती रही है. 

जो बचे हैं, वे भी साथ छोड़ेंगे

नारायण राणे का कहना था कि शिवसेना अब अस्तित्व में नहीं है. शिवसेना लगभग खत्म हो गई है. 2019 के चुनाव में शिवसेना के 56 विधायक जीते थे,  उनमें से सिर्फ 5-6 बाकी रह गए हैं. वे भी साथ छोड़ेंगे. किसी भी समय मेरे संपर्क में आ सकते हैं.

शिंदे की बगावत से गिर गई थी उद्धव की सरकार

इसी साल जून में एकनाथ शिंदे ने 40 से ज्यादा विधायकों के साथ शिवसेना से बगावत कर दी थी. शिंदे का आरोप था कि पार्टी अपनी विचारधारा से हटकर काम कर रही है और बागी विधायकों को तवज्जो नहीं दी जा रही है. बाद में उन्होंने बीजेपी के समर्थन से नई सरकार बनाने का दावा पेश किया. उद्धव ठाकरे को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था.

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दोनों गुटों को मिले हैं नए चुनाव चिह्न और पार्टी नाम

महाराष्ट्र की नई सरकार में एकनाथ शिंदे को मुख्यमंत्री बनाया गया था. जबकि बीजेपी की तरफ से देवेंद्र फडणवीस डिप्टी सीएम बने थे. अब आगे बीएमसी चुनाव हैं. ऐसे में उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे एक बार फिर आमने-सामने हैं. हाल ही मे दोनों नेताओं ने शिवसेना पर दावा किया था. बाद में चुनाव आयोग ने दोनों गुटों को नई पार्टी का नाम और चुनाव चिह्न आवंटित किए थे. उद्धव गुट को पार्टी का नाम 'शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे' दिया है और चुनाव चिह्न 'ज्वलंत मशाल' (मशाल) मिला है. इसी तरह, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के गुट को पार्टी का नाम 'बालासाहेब की शिवसेना' का दिया है और 'दो तलवारें और एक ढाल' चुनाव चिह्न मिला है.

 

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