केंद्र के खिलाफ विपक्षी एकता को दिखाने के लिए शुक्रवार (आज) शाम को 15 दल वर्चुअली बैठक करेंगे. इस बैठक को कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने बुलाया है. खास बात ये है कि इस बैठक में आम आदमी पार्टी और बहुजन समाजवादी पार्टी को कोई न्योता नहीं भेजा गया है.
बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन, महाराष्ट्र सीएम उद्धव ठाकरे, एनसीपी प्रमुख शरद पवार समेत विपक्षी दलों के बड़े नेता सोनिया गांधी द्वारा बुलाई गई इस बैठक शामिल होंगे. बताया जा रहा है कि विपक्षी एकता दिखाने के लिए कांग्रेस के अलावा विपक्ष की 14 पार्टियों के नेता शामिल होंगे.
प्रस्ताव पास कर सकते हैं विपक्षी नेता
सूत्रों ने इंडिया टुडे को बताया कि इस बैठक में संयुक्त बयान या प्रस्ताव भी पास कर सकते हैं. यह प्रस्ताव कोरोना महामारी के दौरान मोदी सरकार के प्रदर्शन का आलोचनात्मक मूल्यांकन होगा. सूत्रों ने बताया कि इसमें मॉनसून सत्र में संसद का ना चल पाना, कोरोना वैक्सीनेशन, किसानों के मुद्दे और अर्थव्यवस्था को शामिल किया जाएगा.
विपक्षी एकता को मजबूत करना है लक्ष्य
इस बैठक का उद्देश्य हाल ही में खत्म हुए मॉनसून सत्र के बाद विपक्षी एकता को और मजबूत करना है. चार सप्ताह चले इस सत्र में राज्यसभा में कांग्रेस पार्टी के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में विपक्ष का नया समन्वय देखने को मिला है. वहीं, दोनों सदनों में विपक्ष को एकजुट करने में राहुल गांधी की उपस्थिति से बढ़ावा मिला.
इससे पहले 9 अगस्त को कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने विपक्षी पार्टियों के नेताओं को डिनर पर बुलाया था. हालांकि, इसमें गांधी परिवार के सदस्यों को आमंत्रित नहीं किया गया था. ऐसे में सोनिया गांधी की इस बैठक को काउंटर के तौर पर देखा जा रहा है.