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नेतृत्व विवाद के बीच अध्यक्ष पद छोड़ेंगी सोनिया गांधी, कांग्रेस को चुनना होगा नया मुखिया

कांग्रेस में शीर्ष नेतृत्व के लिए पार्टी 2 धड़े में बंट गया है जिसमें एक धड़ा गांधी परिवार से बाहर को अध्यक्ष बनाने की बात कर रहा है तो दूसरे धड़े की मांग है कि अध्यक्ष गांधी परिवार के ही किसी सदस्य को होना चाहिए. लेकिन इस बीच खबर है कि सोनिया गांधी कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष पद छोड़ने जा रही हैं. उन्होंने अपने सहयोगियों से कहा है कि बतौर अंतरिम अध्यक्ष उनका कार्यकाल पूरा हो गया है.

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सोनिया गांधी कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष पद छोड़ेंगी (फाइल-पीटीआई)
सोनिया गांधी कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष पद छोड़ेंगी (फाइल-पीटीआई)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • सोनिया गांधी ने सहयोगियों से कहा- उनका कार्यकाल हो गया पूरा
  • नेतृत्व विवाद के बीच सीडब्ल्यूसी की अहम बैठक कल होगी
  • अमरिंदर सिंह ने गांधी परिवार के नेतृत्व को चुनौती का विरोध किया

सोनिया गांधी कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष पद छोड़ेंगी. लंबे समय से कांग्रेस में पूर्णकालिक अध्यक्ष पद की मांग चल रही है. इंडिया टुडे के सूत्रों ने बताया कि सोनिया ने पार्टी सहयोगियों ने कहा है कि उन्होंने एक साल के लिए अंतरिम अध्यक्ष के रूप में अपना कार्यकाल पूरा कर लिया है और वह पार्टी अध्यक्ष पद से हटना चाहेंगी और उन्हें पार्टी का नया अध्यक्ष चुनना चाहिए.

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कांग्रेस वर्किंग कमिटी (सीडब्ल्यूसी) की बैठक कल सोमवार को होने जा रही है और सूत्रों ने बताया कि यह बैठक संगठनात्मक मुद्दों पर चर्चा करने के लिए बुलाया गया है लेकिन उम्मीद है कि सोनिया गांधी फिर से पद छोड़ने की इच्छा जताएंगी और सदस्यों से कहेंगी कि वे खुद अपने पार्टी का नेता चुन लें.

सूत्रों ने इंडिया टुडे के साथ इस बात की पुष्टि की कि कुछ दिन पहले सोनिया गांधी ने गुलाम नबी आजाद से टेलीफोन पर बात की थी. पार्टी नेतृत्व को लेकर एक पत्र 10 जनपथ, भेजे जाने के बाद कांग्रेस के एक धड़े को लगता है कि पार्टी नेतृत्व का मुद्दा सुलझना चाहिए. इस बीच पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कांग्रेस के नेतृत्व में अपने विश्वास को दोहराते हुए जवाब दिया और कहा कि पार्टी को विभाजित करने के किसी भी कदम को विफल कर दिया जाएगा.

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मैंने कोई पत्र नहीं देखाः रणदीप

माना जा रहा है कि अप्रत्यक्ष रूप से सवाल उठाने वाले पत्र का मुकाबला करने की रणनीति पहले से ही तैयार कर ली गई है. कई राज्य इकाइयां एकजुट होने लगी हैं और दिग्गज नेताओं के हस्ताक्षर अभियान के जरिए निंदा करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया जाएगा.

कई कांग्रेसी नेताओं को लगता है कि यह पत्र अपने राजनीतिक भविष्य को बचाने के लिए कुछ नेताओं द्वारा किए गए अंतिम प्रयास से ज्यादा कुछ नहीं है और उन्होंने अपने स्वार्थ के लिए लिखा है न कि पार्टी हित के लिए.

वास्तव में सीडब्ल्यूसी के सदस्यों जितिन प्रसाद, मुकुल वासनिक और अन्य लोगों ने इन मुद्दों के बारे में तीन बैठक में नहीं बताया गया, लेकिन अब पत्र के जरिए सीडब्ल्यूसी की भूमिका पर सवाल उठाया गया है.

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इस बीच AICC मीडिया प्रमुख रणदीप सुरजेवाला ने कहा, 'मैंने कोई पत्र नही देखा. सोनिया गांधी ने पार्टी में बदलाव को लेकर कोई इंटरव्यू नहीं दिया है.' 

अमरिंदर सिंह ने भी किया विरोध

लंबे समय से कांग्रेस में संगठन के स्तर पर बदलाव को लेकर चर्चा चल रही है. पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के लिए कांग्रेस दो धड़ों में बंटी दिख रही है. एक धड़ा पार्टी नेतृत्व सहित संगठन में बड़े पैमाने पर बदलाव की मांग कर रहा है तो एक गुट ने गांधी परिवार को चुनौती देने को गलत बता रहा है.

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कांग्रेस नेता संजय निरुपम के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने गांधी परिवार के नेतृत्व को चुनौती दिए जाने का विरोध किया है.

पंजाब के मुख्यमंत्री और अमरिंदर सिंह ने रविवार को कहा कि यह समय इस तरह के मुद्दों को उठाने का नहीं है. अभी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के खिलाफ मजबूत विपक्ष की जरूरत है जिसने देश के संवैधानिक और लोकतांत्रिक सिद्धांतों को ध्वस्त कर दिया है.

कांग्रेस वर्किंग कमिटी (CWC) की कल सोमवार को बैठक होने जा रही है. ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि इस बैठक में यह मुद्दा उठ सकता है. कांग्रेस संगठन में बदलाव की मांग करते हुए सीडब्ल्यूसी के कई सदस्यों, पार्टी सांसदों और पूर्व मंत्रियों सहित पार्टी के शीर्ष 23 नेताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखा है. माना जा रहा है कि बैठक में संगठनात्मक मुद्दों पर चर्चा की जाएगी.

कांग्रेस पार्टी में बदलाव की मांग करते हुए सीडब्ल्यूसी सदस्यों, पार्टी सांसदों और पूर्व मंत्रियों सहित पार्टी के शीर्ष 23 नेताओं ने कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखा. ऐसा दावा किया जा रहा है कि पत्र पर गुलाम नबी आज़ाद, आनंद शर्मा, कपिल सिब्बल के अलावा जितिन प्रसाद, मिलिंद देवड़ा, मनीष तिवारी, राज बब्बर, अरविंदर सिंह लवली और संदीप दीक्षित सहित कांग्रेस के अन्य युवा ब्रिगेड ने हस्ताक्षर किए हैं.

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इसमें कहा गया है कि राज्य इकाइयों को सशक्त किया जाना चाहिए और पावर सेंटर पर ट्रिक डाउन इफेक्ट होना चाहिए. पार्टी को दिल्ली में केंद्रीकृत नहीं किया जाना चाहिए.

 

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