कृषि से संबंधित अध्यादेश लाने वाली मोदी सरकार को गुरुवार को बड़ा झटका लगा. केंद्रीय मंत्री और शिरोमणि अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने मोदी कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया. इसके साथ ही सुखबीर सिंह बादल ने एनडीए छोड़ने तक का ऐलान भी कर दिया है. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी से उनके पुराने रिश्ते रहे हैं और पार्टी इस पर बैठकर फैसला लेगी.
कृषि से संबंधित अध्यादेशों के मुद्दे पर सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि हमें विश्वास में नहीं लिया गया, जबकि हरसिमरत का कहना है कि शिरोमणि अकाली दल को विश्वास में लिया गया था, लेकिन उन्होंने इस पर उनकी सलाह नहीं सुनी गई. सुखबीर सिंह बादल का कहना है कि बीजेपी के साथ लंबे समय से संबंध रहे हैं. लेकिन एनडीए इसलिए छोड़ दिया क्योंकि शिरोमणि अकाली दल को विश्वास में नहीं लिया गया था.
आजतक से हुई विशेष बातचीत में सुखबीर सिंह बादल का कहना है कि किसान जिस बात का विरोध करे अकाली दल उसका हिस्सा नहीं बन सकता. पिछले दो महीने से कोशिश की. एनडीए के मूल संस्थापक सदस्य हैं, प्रकाश सिंह ने एनडीए को बनाया, हमारा बहूत पुराना संबंध है. हमारी पार्टी बैठ कर फैसला लेगी, सारी स्थिति देखेंगे.
मोदी कैबिनेट से अपने इस्तीफे की जानकारी हरसिमरत कौर बादल ने ट्वीट कर दी थी. अपने ट्वीट में उन्होंने कहा कि मैंने किसान विरोधी अध्यादेशों और कानून के विरोध में केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया है. किसानों के साथ उनकी बेटी और बहन के रूप में खड़े होने का गर्व है. बता दें कि हरसिमरत कौर बादल केंद्रीय खाद्य एवं प्रसंस्करण उद्योग मंत्री थीं. यह फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि बीजेपी की सहयोगी शिरोमणि अकाली दल अध्यादेश का विरोध कर रही है.
इससे पहले गुरुवार को जब बिल को लोकसभा में पेश किया गया तो शिरोमणि अकाली दल के सांसद सुखबीर सिंह बादल ने विरोध किया था. उन्होंने सरकार को बड़ा झटका देते हुए कहा था कि हरसिमरत कौर बादल मंत्रीपद से इस्तीफा देंगी. हालांकि, शिरोमणि अकाली दल का सरकार को समर्थन जारी रहेगा.