
दिल्ली में शनिवार को सीएम केजरीवाल के घर के सामने बीजेपी के प्रदर्शन के मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर कुछ लोगों को हिरासत में लिया है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक प्रदर्शन की इजाजत नहीं दी गई थी और प्रदर्शनकारियों से पहले ही कहा गया था कि भीड़ नहीं जुटा सकते ये गैर कानूनी है. पुलिस की मनाही के बाद भी प्रदर्शन किया गया है
बता दें कि दिल्ली बीजेपी प्रवक्ता तजिंदर पाल सिंह बग्गा की अगुवाई में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास पर प्रदर्शन किया गा था. इसमें दिल्ली बीजेपी के चीफ आदेश गुप्ता, गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत, आरपी सिंह और मजिंदर सिंह सिरसा शामिल थे.
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए केजरीवाल के आवास के सामने भारी फोर्स तैनात की गई थी. इससे पहले बीजेपी के कुछ कार्यकर्ताओं ने बैरीकेड पार करने की कोशिश की थी तो पुलिस ने उनको गिरफ्तार करने की चेतावनी दी. अब मामला बढ़ता देख दिल्ली पुलिस ने इन कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया.
दिल्ली पुलिस को दोपहर 3 बजे अरविंद केजरीवाल के घर के बाहर प्रदर्शन की जानकारी मिली थी. इसके बाद किसी भी स्थिति से निपटने के लिए भारी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई.
इससे पहले मीडिया से बातचीत में बग्गा ने कहा था जिन्हें लगता है कि पुलिस की मदद से कुछ भी कर सकते हैं तो मैं उनसे कहना चाहता हूं कि बीजेपी कार्यकर्ता किसी से नहीं डरेगा. मैं हरियाणा, दिल्ली पुलिस और मेरा समर्थन करने वाले सभी कार्यकर्ताओं को धन्यवाद देता हूं. दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है और दोषियों को सजा मिलेगी.
बग्गा की गिरफ्तारी मामले में सुनवाई टली
बग्गा (Tajinder Pal Singh Bagga) की गिरफ्तारी के मामले को लेकर पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट में दाखिल याचिका पर सुनवाई टल गई है. कोर्ट अब इस मामले में 10 मई को सुनवाई करेगा.
शनिवार को इस अहम सुनवाई में हरियाणा और दिल्ली पुलिस की ओर से एफिडेविट दाखिल करके पूरे मामले पर अपना जवाब देना था. सुनवाई के दौरान पंजाब एडवोकेट जनरल समेत दोनों पक्षों के लोग शामिल हुए. शुक्रवार को ही दिल्ली और हरियाणा पुलिस हाई कोर्ट को बता चुकी है कि उनकी कस्टडी में कोई भी पंजाब पुलिस का अधिकारी या कर्मचारी नहीं है.
आज की सुनवाई में दिल्ली और हरियाणा पुलिस को बताना था कि किन हालतों में तजिंदर पाल सिंह बग्गा को गिरफ्तार करके ले जा रही पंजाब पुलिस की टीम को कुरुक्षेत्र के नजदीक रोका गया और फिर दिल्ली पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया.
पंजाब सरकार ने दो और याचिकाएं लगाईं
वहीं, इस मामले में पंजाब सरकार ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में आज दो याचिकाएं और लगाई हैं. एक में दिल्ली और हरियाणा पुलिस को पार्टी बनाने की बात कही गई है और दूसरी याचिका में हरियाणा में 6 मई को जो भी प्रकरण हुआ, उससे जुड़े CCTV फुटेज सेव करने की बात कही गई है.
बग्गा-बीजेपी पर आतिशी का हमला
इधर, बीजेपी पर हमला बोलते हुए आम आदमी पार्टी की विधायक आतिशी ने कहा कि बीजेपी गुंडों की पार्टी है. बग्गा इसका एक उपयुक्त उदाहरण है. बग्गा के खिलाफ छेड़छाड़, प्रताड़ना समेत कई मामले दर्ज हैं. वो पंजाब में सांप्रदायिक हिंसा भड़काने की कोशिश कर रहा था. पंजाब पुलिस ने 5 नोटिस दिए, लेकिन कोई जवाब नहीं दिया तभी पुलिस उसे गिरफ्तार करने आई थी.
आगे आतिशी ने कहा कि पंजाब में सांप्रदायिक हिंसा भड़काने की कोशिश करने वालों के खिलाफ पंजाब पुलिस कार्रवाई करेगी. बग्गा को बचाने के लिए जिस तरह से दिल्ली और हरियाणा पुलिस का दुरुपयोग किया गया, उसे देखकर निराशा होती है. अगर आज मुख्यमंत्री आवास पर कुछ हिंसा होती है तो आदेश गुप्ता दोषियों को माला पहनाएंगे, प्रशंसा करेंगे और प्रचारित करेंगे, उन्हें बीजेपी द्वारा टिकट दिया जाएगा.
क्यों किए गए थे बग्गा गिरफ्तार?
बग्गा के खिलाफ अपराधिक मामला आम आदमी पार्टी के नेता डॉक्टर सनी सिंह की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया था. मामला दर्ज होने के बाद पंजाब पुलिस तेजिंदर पाल सिंह बग्गा की तलाश में थी. पंजाब पुलिस बग्गा की तलाश में पहले भी दिल्ली आई थी, लेकिन तब जवानों को बैरंग लौटना पड़ा था. तेजिंदर पाल सिंह बग्गा ने 'द कश्मीर फाइल्स ' फिल्म पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की टिप्पणी के बाद उन पर निशाना साधा था. बग्गा ने सीएम केजरीवाल को कश्मीरी पंडित विरोधी बताया था. इसके बाद बग्गा के खिलाफ पंजाब में FIR दर्ज कर ली गई थी.
इस मामले में शुक्रवार सुबह करीब 8.15 बजे पंजाब पुलिस ने बग्गा को जनकपुरी स्थित उनके घर से गिरफ्तार किया था. उनकी गिरफ्तारी के बाद मामला देर रात तक गरमाया रहा. रात को ही गुरुग्राम में द्वारका कोर्ट की मजिस्ट्रेट के घर पर बग्गा की पेशी हुई. मजिस्ट्रेट के यहां से राहत मिलने और रिहाई के बाद बग्गा समर्थकों के साथ अपने घर पहुंचे थे. अब बग्गा ने मोर्चा खोल दिया है.
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