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कांग्रेस की रार पर तारिक अनवर बोले- आनंद शर्मा को ट्वीट के बजाय करनी थी सीधी बात

बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी में जंग छिड़ी हुई है. ये जंग बंगाल में कांग्रेस के गठबंधन पर सवाल खड़े करने को लेकर है. कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी और आनंद शर्मा के बीच जमकर बयानबाजी हो रही है. ऐसे में केरल इंचार्ज तारिक अनवर ने कहा कि कुछ भी ऐसा न करें, जिससे पार्टी को नुकसान हो. 

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कांग्रेस नेता तारिक अनवर (फोटो-PTI )
कांग्रेस नेता तारिक अनवर (फोटो-PTI )
स्टोरी हाइलाइट्स
  • तारिक अनवर ने दिया जवाब 
  • आपसी रार से जूझ रही कांग्रेस
  • बंगाल में कांग्रेस गठबंधन पर बवाल 

बंगाल में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो चुका है. इसके साथ ही सभी दलों ने चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी हैं, तो वहीं कांग्रेस नेताओं की आपसी रार से जूझ रही है. दरअसल कांग्रेस सांसद आनंद शर्मा द्वारा बीते दिन ट्विटर के जरिए कांग्रेस के बंगाल में अब्बास सिद्दीकी के साथ गठबंधन पर सवाल खड़े किए गए, जिसके बाद बयानबाजी का ये दौर शुरू हो गया. वहीं इस मामले में केरल कांग्रेस अध्यक्ष तारिक अनवर ने कहा कि चुनाव नजदीक है, ऐसे में हम चाहते हैं कि हमारे नेता ऐसा कोई भी कदम न उठाएं, जिससे पार्टी को नुकसान हो. 

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ये है विवाद 
दरअसल कांग्रेस सांसद आनंद शर्मा ने बीते दिन ट्विटर के जरिए कांग्रेस के बंगाल में अब्बास सिद्दीकी के साथ गठबंधन पर सवाल खड़े किए हैं. कांग्रेस इस बार बंगाल में लेफ्ट पार्टियों के साथ-साथ अब्बास सिद्दीकी के इंडियन सेक्युलर फ्रंट के साथ चुनावी मैदान में कूद रही है.आनंद शर्मा ने अपने ट्वीट में आपत्ति जताई थी कि ISF के साथ गठबंधन कांग्रेस पार्टी की मूल विचारधारा के खिलाफ है, ऐसे में ऐसा फैसला लेने से पहले पार्टी स्तर पर विस्तृत चर्चा होनी चाहिए थी.

आनंद शर्मा ने अपने ट्वीट में बंगाल कांग्रेस के अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी पर भी निशाना साधा था. आनंद शर्मा के इन ट्वीट के बाद अधीर रंजन चौधरी ने भी ट्विटर से ही जवाब दिया था. अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि बंगाल में पार्टी ने जो भी फैसला लिया है, आलाकमान के निर्देश पर ही लिया है. जो लोग पार्टी को मजबूत करना चाहते हैं, वो पांच राज्यों में प्रचार करें और ऐसा बयान ना दें जिससे बीजेपी को फायदा हो.

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ये बोले केरल इंचार्ज 
केरल इंचार्ज तारिक अनवर ने आजतक से बातचीत के दौरान कहा कि अधीर रंजन की राय कुछ भी हो सकती है, लेकिन मेरी समझ ये नहीं आया कि यदि वे सही मायने में पार्टी की भलाई चाहते हैं, तो कोई भी कदम उठाने से पहले उनको सोचना चाहिए कि इसका नतीजा क्या होगा. उन्होंने कहा कि इंडियन सेक्‍युलर फ्रंट साम्प्रदायिक नहीं है. ये धार्मिक संगठन है और इसकी नीतियां सांप्रदायिक नहीं हैं. उन्होंने कहा कि आनंद शर्मा को इस मसले पर ट्वीट करने की बजाय सीधे अधीर रंजन चौधरी से बात कर लेनी चाहिए थी.

उन्होंने कहा कि हम तो यही चाहेंगे कि हमारे नेता, जो जिम्मेदारी निभाते रहे, ऐसा कोई कदम नहीं उठाएं, जिससे पार्टी को नुकसान हो. वहीं उन्होंने बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा को लेकर कहा कि उन्हें गंभीरता से लेने की आवश्यकता नहीं है. उन्होंने कहा कि अधीर रंजन एक मंजे हुए खिलाड़ी हैं और वह जो भी फैसला लेंगे सही होगा.

 

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