असम आदिवासी चुनावों में कांग्रेस के निराशाजनक प्रदर्शन को लेकर तृणमूल सांसद अभिषेक बनर्जी ने कटाक्ष किया है. नॉर्थ कछार हिल्स ऑटोनॉमस काउंसिल में देश की सबसे पुरानी पार्टी को बुरी हार का सामना करना पड़ा. इसे लेकर ममता बनर्जी के भतीजे और टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी ने 'बंगाल में सीट शेयरिंग' के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरा.
अभिषेक बनर्जी ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'कह सकते हैं कि बंगाल में उनकी (कांग्रेस) सीट हिस्सेदारी की आकांक्षाएं सातवें आसमान पर हैं, जबकि वे अपने गढ़ को ही नहीं बचा पा रहे हैं!' उनका बयान तब आया जब भाजपा ने 30 में से 25 सीटें जीतकर असम के दिमा हसाओ जिले की नॉर्थ कछार हिल्स ऑटोनॉमस काउंसिल में सत्ता बरकरार रखी.
Despite contesting NCHAC elections for the first time @AITC4Assam managed a higher vote share than INC – the primary opposition.
— Abhishek Banerjee (@abhishekaitc) January 13, 2024
One might say their seat share aspirations in Bengal are akin to aiming for the stars when they couldn't quite grasp the ground in their own backyard! pic.twitter.com/YUDw8qlR32
इन चुनावों में टीएमसी ने भी पहली बार अपने उम्मीदवार उतारे थे और 7.63 प्रतिशत वोट शेयर हासिल किया. दूसरी ओर, कांग्रेस पार्टी 8.87 प्रतिशत वोट शेयर के साथ शून्य पर सिमट गई. इंडिया ब्लॉक के सदस्य, कांग्रेस पर अभिषेक बनर्जी का तीखा प्रहार, आम चुनावों से पहले सीट-शेयरिंग फार्मूले के बारे में चल रही चर्चाओं को लेकर है.
टीएमसी ने पश्चिम बंगाल की 42 लोकसभा सीटों में से कांग्रेस को 2 पर चुनाव लड़ने का प्रस्ताव दिया है. सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस को यह फार्मूला स्वीकार्य नहीं है. सूत्रों ने बताया कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस की राय है कि राज्य में प्रमुख पार्टी को ही सीट बंटवारे पर अंतिम फैसला लेने की अनुमति दी जानी चाहिए.
अधीर रंजन चौधरी ने ममता पर बोला तीखा जुबानी हमला
बता दें कि 13 दिसंबर को इंडिया ब्लॉक की 5वीं बैठक वर्चुअली आयोजित की गई थी. इस बैठक में ममता बनर्जी शामिल नहीं हुईं. टीएमसी ने इसके पीछे की वजह बंगाल की मुख्यमंत्री के पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों को बताया था. बैठक से पहले अधीर रंजन चौधरी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ममता बनर्जी पर तीखे जुबानी हमले किए और उन्हें 'अहंकारी और बेईमान' बताया. अधीर रंजन ने कहा, ''ये महिला (ममता बनर्जी) राजीव गांधी और सोनिया गांधी के नेतृत्व में नेता बनी. वह (ममता) महिला कितनी बेईमान है, कितनी अहंकारी है कि जिन लोगों ने उसे राजनीति में खड़ा किया, वह उन लोगों को अहंकार दिखाती है'.