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राज्यसभा में माइक तोड़ने पर बोले TMC सांसद डेरेक ओ ब्रायन, रूल ब्रेक हुए तो कल फिर तोड़ूंगा

किताब फाड़ने के आरोप पर टीएमसी सांसद ने कहा कि कोई ऐसा फुटेज दिखा दीजिए, जिसमें दिखे कि मैंने रूल बुक फाड़ा हो. यह खुद से माना जा रहा है.

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डेरेक ओ ब्रायन ने रूल बुक फाड़ने के आरोप को बताया गलत (पीटीआई फोटो)
डेरेक ओ ब्रायन ने रूल बुक फाड़ने के आरोप को बताया गलत (पीटीआई फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • राज्यसभा में भी ध्वनि मत से पास हुए कृषि से जुड़े दो बिल
  • इस दौरान ऊपरी सदन के अंदर जमकर हुआ हंगामा
  • डेरेक ओ ब्रायन ने उपसभापति के सामने फाड़ी रूल बुक

कृषि से जुड़े दो बिल को ध्वनि मत से राज्यसभा में रविवार को पास करवाया गया है. कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) विधेयक, 2020 और कृषक (सशक्तिकरण और संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि सेवा पर करार विधेयक, 2020. इन बिलों को पास करवाते वक्त विपक्ष का जोरदार हंगामा भी देखने को मिला. हंगामे के दौरान एक समय ऐसा भी आया जब टीएमसी (तृणमूल कांग्रेस) सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने उपसभापति के सामने रूल बुक फाड़ दी थी. 

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डेरेक ओ ब्रायन और तृणमूल कांग्रेस के बाकी सांसदों ने सभापति के आसन के पास जाकर रूल बुक दिखाने की कोशिश की और उसको फाड़ा. टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने सरकार पर धोखा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ने संसद में हर नियम को तोड़ दिया. वे राज्यसभा टीवी के फीड काटते हैं ताकि देश देख न सके. उन्होंने आरएसटीवी को सेंसर कर दिया. हमारे पास सबूत हैं. 

सदन से बाहक निकलने के बाद आजतक संवादाता ने डेरेक ओ ब्रायन से इस घटना को लेकर बात की. उनसे पूछा कि डेरेक ओ ब्रायन को गुस्सा क्यों आता है? इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि मुझे गुस्सा इसलिए आया, क्योंकि मैं सोचता हूं कि आज से 20 साल बाद हमलोग अपनी अगली पीढ़ी को क्या बोलेंगे? यह कि पार्लियामेंट के अंदर लूट चल रहा था और हमलोग चुपचाप मुंह बंद कर देख रहे थे. कभी नहीं. हमने ममता जी से यह नहीं सीखा. अगर कुछ गलत होगा तो हमलोग लड़ाई लड़ेंगे. 

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वहीं किताब फाड़ने के आरोप पर टीएमसी सांसद ने कहा कि कोई ऐसा फुटेज दिखा दीजिए, जिसमें दिखे कि मैंने रूल बुक फाड़ा हो. यह खुद से माना जा रहा है. वहीं माइक तोड़ने के आरोप पर डेरेक ने कहा कि बीजेपी वाले लोकतंत्र का पीठ ब्रेक कर रहे हैं. आपलोग माइक की बात कर रहे हैं. 

उन्होंने मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि यह फार्म बिल किसान विरोधी बिल है. यह एक अलग मुद्दा है, लेकिन दूसरा मुद्दा है संसद की परंपरा. संसद के नियम जो 70 सालों से चल रहा था, आप उसे बदल रहे हैं. हमलोग किसान मुद्दे और संसदीय परंपरा को लेकर एक साथ हैं. बाकी मुद्दों पर भले ही हमारा अलग मत हो.

रविवार को ऊपरी सदन के अंदर जो कुछ हुआ, उसको लेकर कोई रिग्रेट है,  इस सवाल के जवाब में डेरेक ने कहा कि अगर संसद का रूल ब्रेक होगा तो कल दोबारा ऐसा करूंगा.

 

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