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धर्मांतरण रैकेट: AAP विधायक अमानतुल्लाह ने की उमर गौतम और जहांगीर कासमी की रिहाई की मांग

धर्मांतरण कराने के आरोप में मोहम्मद उमर गौतम और मुफ्ती काजी जहांगीर कासमी को पुलिस ने पकड़ा है. इस मामले पर अब सियासत शुरू हो गई है. दिल्ली में आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्लाह खान ने इसे संवैधानिक अधिकारों पर हमला बताया है.

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आप विधायक अमानतुल्लाह खान. (फाइल फोटो)
आप विधायक अमानतुल्लाह खान. (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • अल्पसंख्यकों और दलितों पर जुल्म करने से नहीं चूक रही बीजेपी- आप विधायक
  • अमानतुल्लाह ने की उमर गौतम और जहांगीर कासमी की रिहाई की मांग

उत्तर प्रदेश के नोएडा में धर्मांतरण कराने के आरोप में यूपी एटीएस ने दो मौलानाओं को गिरफ्तार किया है. धर्मांतरण कराने के आरोप में मोहम्मद उमर गौतम और मुफ्ती काजी जहांगीर कासमी को पुलिस ने पकड़ा है. इस मामले पर अब सियासत शुरू हो गई है.

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दिल्ली में आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्लाह खान ने इसे संवैधानिक अधिकारों पर हमला बताया है. उन्होंने ट्वीट कर लिखा है, भाजपा देश के अल्पसंख्यकों और दलितों पर जुल्म करने से नहीं चूक रही,UP ATS द्वारा उमर गौतम और मुफ्ती जहांगीर साहब को गिरफ्तार कर BJP सरकार ने हमारे संवैधानिक अधिकारों पर हमला किया है.Article25&21,हमें अपने धर्म के प्रचार-प्रसार के साथ किसी भी धर्म का पालन करने का अधिकार देता है.''

एक अन्य ट्वीट में उन्होंने लिखा है, ''उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा ग़ैर-संवैधानिक तरीक़े से साम-दाम, दंड-भेद की नीति अपना कर अपनी डूबती नैया पार लगाना चाहती है. भाजपा सरकार कानून और संविधान का गलत इस्तेमाल करना बंद करे और गैर-संवैधानिक तरीके से गिरफ्तार किए गए लोगों को जल्द रिहा करे.''

इसपर भी क्लिक करें- मूक-बधिर बच्चे और महिलाएं कैसे बने शिकार, जानिए यूपी के धर्मांतरण रैकेट की पूरी कहानी
 
बता दें कि उत्तर प्रदेश के नोएडा में धर्मांतरण कराने वाले रैकेट का पर्दाफाश होने के बाद लगातार कई खुलासे हो रहे हैं. इस रैकेट के बारे में पुलिस को कई सूत्रों से सूचनाएं मिल रहीं थी. सूचनाओं की पुष्टि के बाद ही यूपी एटीएस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया. ये एक ऐसा रैकेट था, जो खासकर मूक-बधिर बच्चों और महिलाओं का धर्म परिवर्तन कराता था. इस मामले में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं.

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यूपी पुलिस को धर्मांतरण कराने की सूचनाएं मिल रही थीं. लेकिन पुलिस को ये अंदाजा नहीं था कि जो रैकेट ये काम कर रहा है, उसके तार कहां और कितने फैले हो सकते हैं. पुलिस ने सूचना के आधार पर जानकारी जुटानी शुरू की तो आगे चलकर पता चला कि इस मामले में विदेशी फंडिंग भी होती है. पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है.

 

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