प्रधानमंत्री मोदी की दाढ़ी सोशल मीडिया पर तो चर्चित है ही, लेकिन राजनीतिक गलियारों में भी प्रधानमंत्री मोदी की दाढ़ी सुर्ख़ियों में है. लोगों में एक सहज जिज्ञासा है कि क्या कारण है कि प्रधानमंत्री मोदी ने लॉकडाउन के बाद से ही अपना लुक बदल लिया है और दाढ़ी इतनी अधिक बढ़ा ली है. कई लोग प्रधानमंत्री की दाढ़ी को रविन्द्रनाथ टैगोर से जोड़कर देखते हैं और बंगाल चुनाव से इसका लिंक कनेक्ट कर देते हैं. कुछ लोग इसपर व्यंग्य भी कसते नजर आते हैं. अब उत्तर प्रदेश के एक मंत्री ने जवाब दिया है कि प्रधानमंत्री ने लंबी दाढ़ी क्यों रखी हुई है.
उत्तर प्रदेश के ग्राम विकास मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह उर्फ मोती सिंह एक निजी कार्यक्रम में फिरोजाबाद पहुंचे और मीडिया से रूबरू होकर उन्होंने एक सवाल के जबाब में कहा कि ''बंगाल के चुनाव में रविंद्र नाथ टैगोर की काया और छाया मोदी जी के प्रस्तुतीकरण में दिखने लगा है.''
जब उनसे पूछा गया कि ''भारतीय जनता पार्टी ने आशंका व्यक्त की है कि बंगाल में हिंसात्मक चुनाव होगा ऐसा क्यों?'' तो राजेन्द्र प्रताप सिंह उर्फ मोती सिंह ने कहा ''देखिए बंगाल का इतिहास हिंसा से जुड़ा रहा है. चाहे वह कम्युनिस्ट पार्टी रही हो, चाहे वह ममता दीदी रही हो. हम तो अजातशत्रु वाले दल के हैं. हमारे प्रधानमंत्री अजातशत्रु हैं.''
राजेंद्र प्रताप सिंह ने आगे कहा ''रविंद्र नाथ टैगोर की काया और छाया अब मोदी जी के प्रस्तुतीकरण में दिखने लगा है. आप देखेंगे पश्चिम बंगाल के लोकतंत्र का इतिहास मोदी जी के प्रति अपने विश्वास में बदलने वाला है. अहिंसा के माध्यम से बंगाल का चुनाव भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में होगा और जिस दिन परिणाम होगा, उस के दूसरे दिन मोदी जी के आशीर्वाद से पश्चिम बंगाल का मुख्यमंत्री भारतीय जनता पार्टी का कमल हाथ में लेकर जब मुख्यमंत्री पद की शपथ लेगा तो आपके प्रश्न का जवाब मिल जाएगा.''