वक्फ संशोधन बिल राज्यसभा में पास हो गया है. इस बिल पर गुरुवार को राज्यसभा में लंबी बहस हुई. बहस के दौरान एनसीपी सांसद प्रफुल्ल पटेल ने महाराष्ट्र के ही दूसरे सांसद और शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत पर व्यंग्य के बाण छोड़े.
प्रफुल्ल पटेल जब अपना संबोधन कर रहे थे उस वक्त सांसद संजय राउत सदन में नहीं थे. सांसद प्रफुल्ल पटेल की बात पर शिवसेना (UBT) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कुछ कहना चाहा तो उन्होंने कहा कि आप मत बोलिए क्योंकि आप दूसरी पार्टी में थीं. तब तक संजय राउत सदन में आ गए. उनके आते ही प्रफुल्ल पटेल ने बाबरी मस्जिद विध्वंस और बंबई धमाकों का जिक्र करके संजय राउत पर तंज कसा.
प्रफुल्ल पटेल ने संजय राउत को नमस्कार किया तो राउत भी अपने सीट पर खड़े हो गए और उनका अभिवादन किया.
प्रफुल्ल पटेल ने संजय राउत की ओर इशारा कर रहा कहा, " ...आ गए, हमारे दोस्त आ गए."
आगे पटेल ने कहा, "ये कहते थे हमें अभिमान है कि हमने बाबरी मस्जिद गिराई....और 92-93 के मुंबई दंगों में मेरे शिवसैनिकों ने हिंदुओं की रक्षा की. ये आप कहते थे... सही बात है की नहीं...धन्य है आपको भी धन्य है हम कुछ भी नहीं. हमको कोई चिंता नहीं आपको जो बोलना है वो बोलो..."
Majaa aaya 🔥🔥😂😂@praful_patel ji trolls
— PallaviCT (@pallavict) April 3, 2025
Mumbai cha Bhonga📢 📢
😂😂😂
“Balasaheb proudly said that my men brought down the B@bri mOsk”
“In 1992-93 riots, my Shiv Sainiks protected the Hindus”
& today, the ever garrulous Sanjay Raut was lost for words for presenting his… pic.twitter.com/RDN9JZWPXW
प्रफुल्ल पटेल यही नहीं रुके उन्होंने आगे कहा, "पहली बार हमारे संजय भैया का भाषण... संजय भैया का भाषण... नहीं तो बिल्कुल टक टक टक टक बोलते थे, लेकिन आज उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि क्या बोलूं क्या नहीं बोलूं..."
प्रफुल्ल पटेल के बयान पर सदन में खूब ठहाके लगे.
उन्होंने आगे कहा, "अभी भी एकदम ऐसे ही कर रहे हैं. संजय भैया... आप अपना कलर मत बदलिए."
एनसीपी सांसद ने आगे राज्यसभा के सभापति को संबोधित कर करते हुए कहा कि,"सर मेरा इतना ही कहना है कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है...रहेगा और हम सब लोगों की जिम्मेदारी है कि भारत के संविधान के तहत भारत को एक सेकुलर, डेमोक्रेटिक रिपब्लिक बनाए रखें."
इससे पहले प्रफु्ल्ल पटेल ने कहा कि आपलोग नागपुर-नागपुर करते हैं. लेकिन पीएम नागपुर गए तो दीक्षाभूमि भी गए. आप इस बात को क्यों नजरअंदाज करते हैं. उन्होंने जिन्हें भी नमन किया हो लेकिन वे इस देश की करोड़ों लोगों के आस्था के प्रतीक बाबा साहेब आम्बेडकर के सामने भी नतमस्तक हुए.
बता दें कि राज्यसभा में कई घंटे तक हुई चर्चा के बाद वक्फ संशोधन बिल पास हो गया. गुरुवार पूरे दिन एनडीए और इंडिया ब्लॉक के सांसदों के बीच जोरदार बहस हुई. राज्यसभा में देर रात हुई वोटिंग में बिल के विरोध में 95 वोट पड़े और बिल के पक्ष में 128 वोट पड़े. इससे पहले बुधवार को लोकसभा में वक्फ बिल पास हुआ था. दोनों सदनों से बिल पास होने के बाद बिल अब राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा. राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद ये बिल कानून की शक्ल ले लेगा.