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किसान आंदोलन: अमरिंदर बोले- सियासी फायदे के लिए आप अपनी आत्मा बेच देंगे, केजरीवाल ने किया पलटवार

किसान आंदोलन को लेकर दिल्ली के मुखिया अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के बीच सोमवार शाम जमकर जुबानी जंग हुई. दोनों ने एकदूसरे पर निशाना साधते हुए ट्वीट किए. एक ओर जहां कैप्टन अमरिंदर ने केजरीवाल के उपवास को नौटंकी बताने की कोशिश की वहीं दूसरी ओर केजरीवाल ने कहा कि ये बिल आपका 'गिफ्ट' है क्योंकि आप भी समिति का हिस्सा थे.

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अरविंद केजरीवाल और कैप्टन अमरिंदर सिंह में हुई जुबानी जंग
अरविंद केजरीवाल और कैप्टन अमरिंदर सिंह में हुई जुबानी जंग
स्टोरी हाइलाइट्स
  • ट्विटर पर भिड़ गए कैप्टन अमरिंदर और अरविंद केजरीवाल
  • कैप्टन अमरिंदर ने केजरीवाल के उपवास पर साधा निशाना
  • केजरीवाल ने कृषि बिल को बताया कैप्टन अमरिंदर का गिफ्ट

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने आज किसानों के समर्थन में अपने कैबिनेट मंत्रियों, सांसदों, विधायकों, पार्षदों और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ उपवास रखा. शाम 5 बजे पार्टी कार्यालय में अपना उपवास तोड़ते समय केजरीवाल ने कहा कि केंद्र सरकार का कृषि कानून सिर्फ किसानों के ही खिलाफ नहीं है, बल्कि देश की आम जनता के खिलाफ है और इससे महंगाई बढ़ेगी. वहीं दूसरी ओर पंजाब के मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह ने एक बार फिर केजरीवाल पर निशाना साधा. जिसके बाद दोनों में जमकर जुबानी जंग हुई.

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पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने केजरीवाल पर निशाना साधते हुए ट्वीट किया, "जैसा कि हर पंजाबी जानता है, मैं ईडी या अन्य मामलों से डरने वाला नहीं हूं, अरविंद केजरीवाल आप अपनी आत्मा बेच देंगे, अगर उससे आपके राजनीतिक उद्देश्यों की पूर्ति होती हो. अगर आपको लगता है कि किसानों को आपके नौटंकी द्वारा अपने पाले में किया जा सकता है तो आप पूरी तरह से गलत हैं."

अपना हमला जारी रखते हुए कैप्टन अमरिंदर ने एक और ट्वीट किया. जिसमें उन्होंने लिखा, "भारत के किसानों और विशेष रूप से पंजाब को पता है कि आपने (अरविंद केजरीवाल) 23 नवंबर को दिल्ली में कृषि संबंधी कृषि बिलों में से एक को अधिसूचित करके किसानों के हित को बेच दिया है. केंद्र का आप पर क्या दबाव था?"

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इसके जवाब में दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कैप्टन अमरिंदर से कहा, "आप उस समिति का हिस्सा थे जिसने इन विधेयकों का मसौदा तैयार किया था. ये बिल राष्ट्र के लिए आपका 'उपहार' है. कैप्टन साहब, बीजेपी के नेता आप पर दोहरे मापदंड का आरोप कभी नहीं लगाते जिस तरह से वे अन्य सभी नेताओं पर आरोप लगाते हैं?"

केजरीवाल के इस ट्वीट के जवाब में अमरिंदर ने कहा, "इन कृषि कानूनों पर किसी भी बैठक में चर्चा नहीं की गई और मिस्टर अरविंद केजरीवाल आपके दोहराए झूठों से ये नहीं बदलेगा. और स्वाभाविक रूप से बीजेपी मुझ पर दोहरे मापदंड का आरोप नहीं लगा सकती है क्योंकि मेरे पास उनके साथ कोई सांठगांठ नहीं है जैसे आपके पास है. आखिरकार उन्हें आपकी मिलीभगत को ढंकना होगा!"

इसके बाद केजरीवाल ने फिर ट्वीट किया, "यह रिकॉर्ड का एक हिस्सा है कि आपकी समिति ने इन कानूनों का मसौदा तैयार किया है. आपके पास इन कानूनों को रोकने की शक्ति थी, इस देश के लोगों को बताएं कि ये कानून केंद्र द्वारा परिकल्पित किए जा रहे थे. आप इसमें केंद्र के साथ क्यों रहे?"

केजरीवाल ने कहा था- पूंजीपतियों को लाभ देने के लिए कानून लाया गया

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केजरीवाल ने सोमवार शाम कहा कि कानून के अंदर महंगाई बढ़ने का लाइसेंस दिया गया है. चंद पूंजीपतियों को लाभ देने के लिए कानून लाया गया है. कानून में लिखा है कि जब महंगाई दोगुनी हो जाएगी, तभी छापेमारी की जा सकती है. मैं मुख्यमंत्री हूं, इसके बावजूद छापेमारी नहीं कर सकता हूं, क्योंकि काले कानून ने मेरे हाथ बांध रखे हैं.

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सीएम ने कहा कि किसी भी देश की नींव किसान और जवान होते हैं, जिस देश के किसान और जवान संकट में हों, वो देश कैसे तरक्की कर सकता है? कुछ लोग किसानों को आतंकवादी बता रहे हैं. मेरी उनसे अपील है कि वे अपनी गंदी राजनीति बंद करें. उन्होंने कहा कि आज मैं और आम आदमी पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं ने पूरे देश भर में उपवास रख कर किसानों के समर्थन में प्रार्थना की. मुझे खुशी है कि आज पूरा देश किसानों के साथ खड़ा है.

अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा कि दुख होता जब किसानों के ऊपर तरह-तरह के आरोप लगाकर उनको बदनाम करने की कोशिश की जा रही है. वे कह रहे हैं कि किसान आंतकवादी, देशद्रोही, टुकड़े टुकड़े गैंग के सदस्य हैं. किसान चीन और पाकिस्तान के एजेंट हैं. यहां जो किसान बैठे हैं, इन्हीं लोगों के भाई, बेटे चीन और पाकिस्तान की सीमा पर देश की रक्षा कर रहे हैं. ये जितने नेता और जो-जो लोग कह रहे हैं कि किसान चीन और पाकिस्तान के एजेंट हैं, मैं इनको कहना चाहता हूं कि एक दिन आप अपने बेटे-बेटियों को चीन और पाकिस्तान की सीमा पर भेज कर देखिए, तब पता चलेगा कि कलेजे पर क्या बीतती है.

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अपनी बाज जारी रखते हुए केजरीवाल ने आगे कहा कि आप लोग यह सोच कर देखिए कि देशभर में कितने ऐसे किसान हैं, जिसके दो बेटे हैं, एक किसान बन गया और एक जवान बन गया है. कितने परिवार हैं, जिनका एक बेटा फौज में है और एक बेटा खेत में है. जब इनका बेटा फौज में सीमा पर सुनता है कि मेरे भाई को आतंकवादी कहा जा रहा है, जब वह सुनता है कि मेरे पिता को आतंकवादी कहा जा रहा है, जो आज सिंघु बॉर्डर पर बैठे हैं तो उसके दिल पर क्या गुजरती होगी, यह सही नहीं हो रहा है. जितने लोग राजनीति के तहत किसानों को गालियां दे रहे हैं, भला बुरा बोल रहे हैं, मैं उनसे हाथ जोड़कर अपील करना चाहता हूं कि यह गंदी राजनीति बंद करें.

 

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