कांग्रेस नेता और कर्नाटक सरकार में मंत्री जमीर अहमद ने केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी पर नस्लीय टिप्पणी करने के मामले में माफी मांगी है. उनका कहना है कि अगर एचडी कुमारस्वामी पर उनके बयान से किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो वह माफी मांगते हैं. जमीर ने यह भी माना कि ये पहली बार नहीं जब उन्होंने एचडी कुमारस्वामी को कालिया कहकर बुलाया हो.
जमीर अहमद ने अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा कि मैं और एचडी कुमारस्वामी घनिष्ठ मित्र हैं, यह तो आप सभी जानते हैं. वो मुझे छोटा कहता था और मैं उसे काला कहता था. जब हम बहुत करीब थे तो वह मुझे छोटे कद के लिए चिढ़ाता था और मैं उसे काला कहकर चिढ़ाता था. अगर मेरी बातों से किसी को ठेस पहुंची हो तो मैं माफी मांगता हूं. इस बयान का असर चुनाव पर क्यों पड़ेगा? यह पहली बार नहीं है जब मैंने ऐसा कहा हो.
क्या बोले थे जमीर अहमद
दरअसल, बीते दिन जमीर अहमद ने एक जनसभा का संबोधन में भाजपा से कांग्रेस में शामिल हुए दलबदलू नेता सीपी योगेश्वर के बारे में बात कर रहे थे. इसी दौरान उन्होंने कहा, 'कुछ कांग्रेस नेताओं के साथ मतभेदों की वजह से वह (सीपी योगेश्वर) बीएसपी में चले गए. निर्दलीय चुनाव लड़ा और कोई विकल्प न होने के बाद वह भाजपा में शामिल हो गए, क्योंकि वह जनता दल के साथ नहीं जाना चाहते थे. क्योंकि उन्हें लगा कि "कालिया" कुमारस्वामी भाजपा से ज्यादा खतरनाक हैं. अब यह हमारी पार्टी के उम्मीदवार सीपी योगेश्वर की घर वापसी है.' हालांकि, उन्होंने अपने इस बयान पर सफाई दी है.
जेडीएस ने जताया विरोध
कुमारस्वामी पर नस्लीय टिप्पणी के बाद उनकी पार्टी जेडीएस ने जमीर के बयान का आलोचना की और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट भी लिखी. जेडीएस ने एक्स पर लिखा, 'जमीर अहमद ने चन्नपटना उपचुनाव प्रचार के दौरान नस्लीय गालियों का इस्तेमाल किया. केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी को जमीर अहमद खान ने उर्दू में "कालिया कुमारस्वामी" (काला कुमारस्वामी) कहकर अपमानित किया. ऐसा करके उन्होंने अश्वेत लोगों का नस्लीय अपमान किया है और नस्लीय भेदभाव किया है...उनके मुंह से निकले ये नस्लीय घृणा के शब्द अक्षम्य हैं.'