अपने विवादित बयानों के लिए चर्चा में रहने वाले पश्चिम बंगाल बीजेपी के अध्यक्ष दिलीप घोष ने राज्य के पुलिस ऑफिसरों को सब्जी बेचने को कहा है. इससे पहले उन्होंने विरोधी नेताओं को कहा था कि हम उन्हें जूते से मारेंगे, कपड़े उतार देंगे और फिर पिटाई करेंगे.
पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना में 'चाय पर चर्चा' कार्यक्रम में दिलीप घोष ममता सरकार पर तो बरसे ही, साथ ही राज्य के पुलिसकर्मियों पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों में दम नहीं है. और वे तृणमूल कांग्रेस के कैडर के तौर पर काम कर रहे हैं.
12 सितंबर को उत्तर 24 परगना में कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा, "पश्चिम बंगाल में पुलिस टीएमसी के कैडर के तौर पर काम कर रही है, ऑफिसर इन चार्ज और इंस्पेक्टर इन चार्ज में हिम्मत नहीं है, मेरी सलाह है कि वे इस्तीफा दे दें और जाकर सब्जी बेचें."
कर्माहाटी शहर में हुए इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ी और कोरोना प्रोटोकॉल की धज्जियां उड़ाई गईं. भीड़ ने सोशल डिस्टेंसिंग का भी ख्याल नहीं रखा.
इससे पहले दिलीप घोष ने कहा था कि पश्चिम बंगाल में कोरोना खत्म हो गया है और पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी बेकार में लॉकडाउन लागू कर रही हैं ताकि बीजेपी बैठकें और रैलियां न कर सके.
इससे पहले दिलीप घोष ने बंगाल पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा था कि वे मामूली फेसबुक पोस्ट पर भी लोगों की गिरफ्तारी कर रही है. जो पोस्ट मुख्यमंत्री या उनके भतीजे पर होते हैं, उन पर भी लोगों को बिना वजह गिरफ्तार किया जा रहा है.