पश्चिम बंगाल में चुनावी नतीजे आने के बाद हुई राजनीतिक हिंसा को लेकर बीजेपी ने सीएम ममता बनर्जी पर जमकर निशाना साधा. बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कोलकता में कहा कि मैं चुनाव के रिजल्ट के बाद हुई क्रूर हत्याओं की निंदा करता हूं. हम निर्णायक मोड़ तक जंग लड़ेंगे. उन्होंने कहा कि बंगाल की ये घटनाएं मुझे विभाजन के समय की याद दिलाती हैं.
बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यह मुझे 16 अगस्त, 1946 की याद दिलाता है, जब डायरेक्ट एक्शन डे था. उन्होंने कहा कि ममता जी की चुप्पी इन घटनाओं में उनकी भागीदारी के बारे में बताती है और वह अपने हाथों से रक्त के साथ तीसरा कार्यकाल शुरू कर रही हैं.
जेपी नड्डा ने आरोप लगाया कि टीएमसी कार्यकर्ताओं ने बीजेपी के जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया और उन पर और उनके परिवारों पर हमला किया. उनका टारगेट विशेष रूप से, महिलाएं रही हैं. छेड़छाड़ और बलात्कार के मामले बड़े पैमाने पर हुए हैं.
नड्डा ने कहा कि हम चुनाव के प्रचार में जब कहते थे कि बंगाल में महिलाएं सबसे ज्यादा असुरक्षित हैं, तो हम सही थे. बंगाल में पहले लोगों पर हमला, फिर परिवारों पर हमला, फिर महिलाओं पर अटैक और उसके बाद लूटपाट हमें देखने को मिलती है.
बीजेपी अध्यक्ष ने दावा किया कि गांवों में तोड़फोड़ की गई है. लोगों को अपनी सुरक्षा के लिए अपने गांवों को छोड़ना पड़ा है. कुछ लोगों को तो असम में शरण लेनी पड़ी. वे ममता 'फान' से पीड़ित हैं. उन्होंने कहा कि हम बीजेपी के हर कार्यकर्त्ता के साथ खड़े हैं और हम निर्णायक मोड़ तक जंग लड़ेंगे. नड्डा ने आरोप लगाया कि यह राज्य द्वारा प्रायोजित हमला है.
जेपी नड्डा ने आगे कहा कि पिछले दो दिनों से मानवाधिकार चैंपियन कहां हैं? मैं विपक्षी दलों से भी स्तब्ध हूं. पिछले दो दिनों में निंदा क्यों नहीं हुई? यह उनके दोहरे-रवैये को दर्शाता है. बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि बंगाल में हुई इन घटनाओं में जिन लोगों की जान गई है, उनकी संख्या अब तक 14 हो गई है.