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इंदिरा-नेहरू को लेकर वरुण गांधी के वे बयान, जिनके बाद लगने लगे कांग्रेस में एंट्री के कयास

बीजेपी सांसद वरुण गांधी पिछले कुछ समय से अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं. वे लगातार तमाम मुद्दों पर सरकार की नीतियों पर सवाल उठा रहे हैं. दूसरी ओर उन्होंने हाल ही में कहा कि वे न ही नेहरू जी के खिलाफ हैं और न ही कांग्रेस के. इस बयान के बाद वरुण गांधी के कांग्रेस में एंट्री के कयास लगाए जाने लगे.

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वरुण गांधी ने इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि पर उन्हें देश की मां बताया था
वरुण गांधी ने इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि पर उन्हें देश की मां बताया था

पीलीभीत से बीजेपी सांसद वरुण गांधी पिछले कुछ समय से बेरोजगारी, पेपर लीक और महंगाई जैसे मुद्दों पर अपनी ही पार्टी को घेरते नजर आए हैं. किसान आंदोलन के समय भी वरुण गांधी ने मुखर होकर अपनी बात रखी थी. लेकिन हाल ही में वरुण गांधी ने ऐसा बयान दिया था, जिसके बाद उनके कांग्रेस में एंट्री के कयास लगाए जाने लगे.

दरअसल, वरुण गांधी ने एक जनसभा में चौंकाने वाला संबोधन दिया था. उन्होंने कहा था, ना तो मैं नेहरू जी के खिलाफ हूं, ना ही कांग्रेस के खिलाफ. इतना ही नहीं इससे पहले अक्टूबर 2022 में इंदिरा गांधी को देश की मां बताया था. वरुण के ये बयान ऐसे वक्त पर आए, जब कांग्रेस राहुल गांधी के नेतृत्व में भारत जोड़ो यात्रा निकाल रही है. वरुण के इन बयानों के बाद कहा जाने लगा कि बीजेपी में अपना उनका मन भर गया है और वे कांग्रेस में एंट्री के रास्ते तलाश रहे हैं. 

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कभी बीजेपी के फायरब्रांड नेता माने जाते थे वरुण

वरुण गांधी कभी बीजेपी के फायरब्रांड नेता माने जाते थे. वे अपने बयानों के चलते चर्चा में रहते थे. 2017 से पहले उन्हें उत्तर प्रदेश में पार्टी का सीएम चेहरा घोषित करने की भी मांग उठ चुकी है. वरुण गांधी 2009 में पीलीभीत लोकसभा सीट से उतरे थे और सांसद बने. 2013 में वरुण गांधी बीजेपी के सबसे युवा महासचिव बने. 2014 में वरुण गांधी सुल्तानपुर से जीते. जबकि उनकी मां मेनका पीलीभीत से सांसद चुनी गईं. 2019 के लोकसभा चुनाव में मेनका की जगह पीलीभीत से वरुण गांधी को टिकट मिला और वरुण फिर सांसद बने. मेनका गांधी सुल्तानपुर से सांसद चुनी गईं. लेकिन 2014 की तरह मेनका को 2019 में केंद्र में मंत्री नहीं बनाया गया. इसके बाद से वरुण गांधी तमाम मुद्दों पर अपनी ही पार्टी को घेरते नजर आए हैं.

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जब वरुण ने कहा- मै न नेहरू जी के खिलाफ और न कांग्रेस के खिलाफ

वरुण गांधी ने हाल ही में एक जनसभा में ऐसा बयान दिया, जिसके बाद उनके कांग्रेस में जाने को लेकर अटकलें और तेज हो गईं. वरुण गांधी ने पिछले दिनों एक जनसभा में कहा था, ना तो मैं नेहरू जी के खिलाफ हूं, ना ही कांग्रेस के खिलाफ हूं. हमारी राजनीति देश को आगे बढ़ाने के लिए होनी चाहिए ना कि गृह युद्ध पैदा करने के लिए. 

वरुण ने कहा, आज जो लोग केवल धर्म और जाति के नाम पर वोट मांग रहे हैं, हमें उनसे ये पूछना चाहिए कि रोजगार, शिक्षा, चिकित्सा का क्या हाल है. वरुण गांधी ने कहा था कि हमें ऐसी राजनीति नहीं करनी है, जो लोगों को दबाए, बल्कि हमें वो राजनीति करनी है जो लोगों को उठाए. धर्म और जाति के नाम पर वोट लेने वालों से हमें ये पूछने की जरूरत है कि वे रोजगार, शिक्षा या स्वास्थ्य जैसे गंभीर मुद्दों पर वह क्या कर रहे हैं. हमें ऐसी राजनीति नहीं करनी चाहिए जो लोगों को भड़काने या उनका दमन करने में विश्वास करती हो. हमें ऐसी राजनीति करनी चाहिए जो लोगों का उत्थान करे.

वरुण ने इंदिरा की भी तारीफ की

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वरुण की मां मेनका गांधी और इंदिरा गांधी के बीच खटास जगजाहिर है. लेकिन वरुण गांधी इंदिरा गांधी की तारीफ करते हुए नहीं थकते हैं. पिछले साल 16 दिसंबर को 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध को लेकर विजय दिवस मनाया गया. इस दौरान वरुण गांधी ने इंदिरा गांधी की इच्छाशक्ति की तारीफ की. उन्होंने एक फोटो ट्वीट करते हुए लिखा, 'यह तस्वीर ऐतिहासिक है! जब हमारे वीर जवानों के शौर्य के आगे दुश्मन देश के 93000 सैनिकों के घुटने टेक दिये और एक नारी की इच्छाशक्ति ने विश्व का मानचित्र बदल दिया. प्रधानमंत्री जी और सेना प्रमुखों की मुस्कान में अमेरिका समर्थित पाक को हराने का आत्मविश्वास झलक रहा है.'

 


31 अक्टूबर को इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि पर भी वरुण गांधी ने इंदिरा गांधी को देश की मां बताया था. वरुण गांधी ने ट्विटर पर लिखा, 'नेतृत्व ही नहीं उदारता भी... शक्ति ही नहीं मातृत्व भी... देश की मां - और मेरी प्यारी दादी को उनकी जयंती पर मेरा शत शत नमन.' 



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राहुल बोले- वरुण की विचारधारा अलग


जब राहुल गांधी से भारत जोड़ो यात्रा के दौरान वरुण गांधी को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा, वो बीजेपी में हैं, यहां चलेंगे तो उन्हें दिक्कत हो जाएगी. लेकिन मेरी विचारधारा उनकी विचारधारा से नहीं मिलती. मेरी विचारधारा है कि मैं आरएसएस के दफ्तर में कभी नहीं जा सकता. चाहें आप मेरा गला काट दीजिए. मेरा परिवार है, उसकी एक विचारधारा है. वरुण ने एक समय, शायद आज भी उस विचारधारा को अपनाया है. उस विचारधारा को अपना बनाया, मैं उस बात को स्वीकार नहीं कर सकता. मैं उनसे प्यार से मिल सकता हूं, गले लग सकता हूं, मगर उस विचारधारा को स्वीकार नहीं कर सकता हूं. ये मेरे लिए अस्वीकार है. मेरा पॉइंट विचारधारा की लड़ाई पर है.''

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