कहते हैं कि राजनीति में रिश्ते सिर्फ अपना नफा-नुकसान देखकर बनाए जाते हैं और तोड़े जाते हैं. पूर्व केंद्रीय मंत्री और पश्चिम बंगाल की आसनसोल सीट से बीजेपी सांसद बाबुल सुप्रियो ने बीजेपी से अपने सारे रिश्ते तोड़ दिये. ना वो अब बीजेपी के सांसद रहेंगे, ना नेता और मंत्रीपद तो उनसे मोदी सरकार पहले ही ले चुकी थी जिसके बाद से बाबुल सुप्रियो अपनी प्रिय पार्टी से खासे नाराज चल रहे थे. बाबुल सुप्रियो ने अपने फेसबुक अकाउंट पर बांग्ला भाषा में राजनीति से संन्यास का ऐलान किया है.