दिल्ली में पिछले 2 महीने से चल रहे किसान आंदोलन का माहौल 26 जनवरी की हिंसा के बाद अचानक बदल गया. लेकिन किसान नेता राकेश टिकैत के आंसुओं ने किसान आंदोलन को फिर से धार दे दी. हजारों की तादाद में आंदोलनकारी किसान फिर से दिल्ली की तरफ कूच करने लगे. इसी बीच पंजाब के फरीदकोट जिले में एक गांव की पंचायत ने अजीब फरमान सुनाया है. (Farmer Protest Delhi, PTI Photo)
दरअसल, फरीदकोट के पक्खीकला गांव की पंचायत ने फरमान जारी किया है कि गांव से हर आठ दिन बाद 18 लोग दिल्ली को कूच करेंगे. यह भी संकल्प पारित हुआ है कि अगर कोई भी व्यक्ति दिल्ली नहीं कूच करेगा तो उसे 5000 हजार रुपये जुर्माना देना पड़ेगा अगर जुर्माना नहीं देगा तो उसका बहिष्कार किया जाएगा. (Farmer Protest Delhi, PTI Photo)
पंचायत के इस फैसले का गांववासियों ने स्वागत किया और दिल्ली जाने पर पूरी सहमति जताई है. दिलचस्प ये है कि शनिवार को ही यह फैसला लिया गया है उसी दिन पहला जत्था दिल्ली कूच को तैयार भी हो गया है. (Photos: Prem)
गांव के सरपंच कुलविन्दर सिंह ने बताया कि गांव के लोगों से सहयोग प्राप्त हो रहा है. अगर सरकार ट्रेन बंद करती है तो वह अपनी गाड़ियों से दिल्ली कूच करेंगे. उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन को 26 जनवरी को जो नुकसान हुआ है, अब इस आंदोलन को फिर से मजबूत करन के लिए हम गांववासियों ने यह फैसला लिया है.