पंजाब के मानसा से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. जहां ड्रग्स के ओवरडोज से एक 18 साल के लड़के की मौत हो गई. स्थानीय लोगों का कहना है कि गांव खीबा खुर्द के 200 से ज्यादा युवक चिट्टे के नशे से पीड़ित हैं. वहीं, गांव की औरतों ने बताया कि यहां के हालत काफी खराब हैं, उन्हें बच्चा पैदा करने में डर लगता है. कहीं वो भी नशे का शिकार न हो जाए.
मृतक दलेल सिंह की मां ने बताया कि उनके बेटे को चिट्टे नशे की लत थी और ओवरडोज की वजह से उसकी मौत हो गई. हमारे गांव के 200 से ज्यादा युवा यह नशा करते हैं. सरकार और प्रशासन से कई बार गुहार भी लगाई पर कोई हल नहीं निकला. दलेल सिंह इस नशे के दलदल में काफी पहले ही फंस गया था. करीब 8 लाख रुपये नशे में बर्बाद कर चुका था.
चिट्टे नशे ने ली 18 साल के लड़के की जान
वहीं गांव की महिलाओं का कहना है कि चिट्टा नशा दिन पर दिन फैलता जा रहा है. ऐसे में उन्हें बच्चा पैदा करने में डर लगने लगा है. चुनाव के दिनों नेता आते हैं और नशा खत्म करने को लेकर बड़े-बड़े दावे कर चले जाते हैं. मुख्यमंत्री भगवत सिंह मान ने सत्ता में आने से पहले कहा था कि पंजाब से नशा पूरी तरह से खत्म कर दिया जाएगा पर ऐसा नहीं हुआ. ड्रग्स का मुद्दा राज्य की राजनीति में भी गरमाता रहा है. 18 वर्षीय दलेल सिंह की मौत से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है.
गांव के 200 से ज्यादा युवा चिट्टे नशे की चपेट में
बता दें, चिट्टा का एक ऐसा नशा है जिसका एक या दो बार सेवन करने के बाद, कोई भी इसका आदी हो जाता है और इसे छुड़ाने के लिए कई बार मरीज को भर्ती भी करना पड़ता है. सफेद रंग के पाउडर सा दिखने वाला यह नशा एक तरह का सिंथेटिक ड्रग्स है. हेरोइन के साथ कुछ केमिकल्स मिलाकर ये ड्रग्स तैयार किया जाता है.
(रिपोर्ट- अमरजीत चहल)