पंजाब के संगरूर के सरकारी नशा मुक्ति केंद्र से शुक्रवार रात करीब 8 बजे 8 नशा पीड़ित युवक फरार हो गए. खाने के समय स्टाफ के सिर पर प्लेट से हमला किया और कांच का दरवाजा तोड़कर भाग निकले. इन्हें पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार किया था. इन आरोपियों को नशा करते हुए पकड़ा गया था और कोर्ट के आदेश के बाद उन्हें इलाज के लिए सरकारी नशा मुक्ति केंद्र में रखा गया था. फिलहाल पुलिस उनकी तलाश में लगी हुई है.
वारदात के बाद पुलिस को तुरंत सूचना दी गई. इसके बाद घावादा गांव में बने सरकारी नशा मुक्ति केंद्र में पुलिस की टीम पहुंची. वहां दरवाजे के टूटे हुए कांच बिखरे पड़े थे. वहां नशा करने के पीड़ित आरोपियों को इलाज के लिए रखा गया था. नशा मुक्ति केंद्र के स्टाफ के साथ उनकी सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मी भी तैनात रहते हैं.
दरअसल, यहां पर सिविल तौर पर नशा करने के आदि युवकों को भी रखा जाता है. पुलिस द्वारा एनडीपीएस एक्ट के तहत पकड़े गए उन मुल्जिमों को भी कोर्ट के आदेश पर यहां रखा जाता है. यहां रखे गए आरोपी अपनी इच्छा के अनुसार नशा छोड़ना चाहते हैं. इसके अलावा वो लोग भी रहते हैं, जो नशा बेचने वाले अपराधी नहीं हैं, लेकिन नशा करते हुए पकड़े गए.
कुछ लोगों को पुलिस ने पकड़ लिया- इंचार्ज डॉक्टर ईशान
सरकारी नशा मुक्ति केंद्र के इंचार्ज डॉक्टर ईशान प्रकाश ने बताया कि यहां उन लोगों को रखा जाता है, जो नशा करने के आदी होते हैं. यहां पुलिस द्वारा एनडीपीएस एक्ट के तहत पकड़े गए आरोपी भी रखे जाते हैं, जिन्हें कोर्ट के आदेश पर यहां भेजा जाता है.
शुक्रवार रात 80 लोग खाना खाने के समय यहां आए. जब दरवाजा खोला गया, तो इनमें से आठ लोग स्टाफ पर हमला करके और कांच का दरवाजा तोड़कर फरार हो गए. इन लोगों को पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत पकड़ा था और कोर्ट के आदेश पर यहां इलाज के लिए भेजा गया था. उनके साथ कुछ लोग और भी भागे थे, जिन्हें सुरक्षा कर्मियों ने पकड़ लिया था.
फरार आरोपियों को पकड़ने की जारी है कोशिश- डीएसपी
संगरूर के डीएसपी मनोज गोर्सी ने बताया कि सरकारी नशा मुक्ति केंद्र से आठ लोग भागे हैं. उनके साथ वे नशा पीड़ित भी फरार हो गए हैं, जिन्हें पुलिस ने नशे के साथ एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार किया था और कोर्ट के आदेश पर उन्हें इलाज के लिए यहां भेजा गया था. ये लोग नशा करने के आदी है न कि नशा बेचने वाले अपराधी हैं.
उन्होंने कहा कि कई बार नशा मुक्ति केंद्र में आने के बाद लोग नशा करना छोड़ भी देते हैं. इनकी सुरक्षा के लिए बाहर पुलिसकर्मी भी तैनात रहते हैं. शुक्रवार की रात को जब यह हादसा हुआ, तो यहां लोग ज्यादा गिनती में थे. जो लोग इन्हें खाना देने आए थे, उनको धक्का देकर और कांच का दरवाजा तोड़कर ये भाग निकले हैं. इनको फिर से पकड़ने की कोशिश की जा रही है.