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कौन हैं संत सीचेवाल और विक्रमजीत सिंह साहनी? जिन्हें AAP ने बनाया राज्यसभा उम्मीदवार

राज्यसभा के लिए आम आदमी पार्टी ने दो नाम तय कर लिए हैं. पार्टी की तरफ से पदम श्री संत सीचेवाल और पदम श्री विक्रमजीत सिंह साहनी को उम्मीदवार बना दिया गया है.

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संत बलबीर सिंह सीचेवाल
संत बलबीर सिंह सीचेवाल

राज्यसभा के लिए आम आदमी पार्टी ने दो नाम तय कर लिए हैं. पार्टी की तरफ से पदम श्री संत सीचेवाल और पदम श्री विक्रमजीत सिंह साहनी के नाम पर मुहर लगा दी गई है. संत बलबीर सिंह सीचेवाल नदियों में बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए जाने चाहते हैं. वे बाबा सीचेवाल और ECO बाबा के नाम से भी मशहूर हैं. उनको सुल्तानपुर लोधी में 160 किलोमीटर लंबी काली बेन नदी की सफाई का श्रेय जाता है.

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उनके बारे में बताया जाता है कि उन्होंने अकेले 2007 में काली बेन नदी की सफाई शुरू कर दी थी. जालंधर के किसान परिवार में जन्मे बाबा सीचेवाल कई सालों से नदियों में बढ़ते प्रदूषण को रोकने की मुहिम चला रहे हैं. 2017 में बाबा सीचेवाल के महत्वपूर्ण योगदान के लिए उन्हें पदम श्री से सम्मानित किया गया था. समाजसेवी विक्रमजीत सिंह साहनी की बात करें तो उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है. विक्रमजीत साहनी सालों से समाज कल्याण के कार्यों से जुड़े रहे हैं. उन्हें मॉरीशस के राष्ट्रपति द्वारा अंतरराष्ट्रीय शांति पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है. उनकी तरफ से विश्व पंजाबी संसदीय मंच का गठन किया गया था. उसके जरिए उन्होंने विश्व भर में पंजाबी संस्कृति का प्रचार किया था.

उनको 'बोले सो निहाल', 'गुरु मान्यो ग्रंथ' और 'सरबंसदानी' जैसे कई कार्यक्रम कराने का श्रेय भी जाता है. उन्होंने अपनी मेहनत के दम पर हजारों पंजाबी छात्रों के लिए स्कॉलरशिप मुहैया कराई है. वर्ल्ड पंजाबी आर्गेनाइजेशन के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष रहते हुए 22 से ज्यादा देशों में पंजाब के सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक रिश्ते बढ़ाने में भी उनका अहम योगदान रहा है. इसके अलावा विक्रमजीत साहनी ने 500 से अधिक अफगान हिंदुओं और सिखों के पुनर्वास की जिम्मेदारी ली थी. कोविड-19 के समय भी विक्रमजीत साहनी ने पंजाब के गांवों में कोविड-19 टेस्टिंग क्लीनिक, एंबुलेंस और दो हजार से ज्यादा ऑक्सीजन सिलेंडर की मदद मुहैया कराए थे.

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