पंजाब में सत्ताशीन शिरोमणि अकाली दल ने पूर्व सांसद नवजोत सिंह सिद्धू की बयानबाजी पर कड़ा विरोध जताया है. अकाली दल के सचिव और पंजाब के शिक्षा मंत्री दलजीत सिंह चीमा ने सोमवार को इस बाबत बीजेपी राज्य इकाई के अध्यक्ष कमल शर्मा से मुलाकात की. लुधियाना में एक धार्मिक कार्यक्रम में सिद्धू की अपमानजनक टिप्पणी के खिलाफ विरोध जताते हुए चीमा ने कहा कि बीजेपी को सिद्धू को काबू में रखना चाहिए.
गौरतलब है कि बीते दिनों सिद्धू ने एक सभा को संबोधित करते हुए खुले तौर पर कहा था कि अगले विधानसभा चुनाव में भ्रष्ट और बुरी ताकतों को पंजाब से उखाड़ फेंकना होगा. सिद्धू ने हालांकि किसी पार्टी या नेता का नाम नहीं लिया था, लेकिन उनका सीधा इशारा अकाली दल के नेताओं की ओर था. चीमा ने शर्मा से आग्रह करते हुए कहा कि वह इस मामले को पार्टी आलाकमान तक पहुंचाएं ताकि सिद्धू पर काबू पाया जा सके.
उन्होंने कहा, 'सिद्धू की आपत्तिजनक टिप्पणी पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व की उस बात की अवमानना है, जिसमें पंजाब में अकाली दल को समर्थन बनाए रखने की घोषणा की गई थी. सिद्धू का कृत्य असहनीय है और गठबंधन धर्म के खिलाफ है.' पंजाब में 2007 से अकाली दल और भाजपा की गठबंधन सरकार है. अकाली दल बीजेपीनीत केंद्र सरकार में भी सहयोगी है.
चीमा ने कहा, 'इस तरह की आपत्तिजनक टिप्पणी बीजेपी और अकाली गठबंधन के बीच कड़वाहट पैदा कर रही हैं. मुझे आशा है कि बीजेपी आलाकमान इस मामले को गंभीरता से लेगा.' सिद्धू ने हाल ही हुए हरियाणा चुनाव में भी प्रचार करते हुए बादल और अकाली दल की आलोचना की थी.
-इनपुट IANS से