पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी में अंदरूनी कलह जारी है. मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू को लेकर पार्टी दो फाड़ नजर आ रही है. एक तरफ जहां पंजाब कांग्रेस के 10 विधायकों ने बयान जारी कर अमरिंदर सिंह को पंजाब का सबसे बड़ा नेता बताया है, तो दूसरी ओर विधायक मदनलाल ने कहा कि सिद्धू के अध्यक्ष बनाने से पंजाब में कांग्रेस पार्टी को फायदा होगा.
एकतरफ जहां नवजोत सिंह सिद्धू ने पंजाब में कांग्रेस के विधायकों और नेताओं के साथ नाश्ता पानी किया तो वहीं दूसरी तरफ कैप्टन अमरिंदर सिंह भी सिद्धू को अध्यक्ष बनने से रोकने के लिए पूरी जोर लगा रहे हैं. उन्होंने दिल्ली में कांग्रेस सांसदों की टीम उतार दी. दरअसल, दिल्ली में प्रताप सिंह बाजवा के घर पंजाब के सांसदों की बैठक होनी है. इस बैठक में नवजोत सिंह सिद्धू के प्रमोशन यानी पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने को लेकर चर्चा होगी.
10 विधायकों ने कैप्टन को नजरअंदाज ना करने की अपील की
10 विधायकों ने बयान जारी कर पार्टी से कैप्टन अमरिंदर सिंह को नजरअंदाज ना करने की अपील की. विधायकों का कहना है कि कैप्टन के प्रयासों के चलते ही पंजाब में कांग्रेस पार्टी इस स्थिति में है. विधायकों ने कहा, इसमें कोई संदेह नहीं है कि प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव पार्टी आलाकमान करती है. लेकिन पिछले कुछ महीनों में सार्वजनिक तौर पर जो कुछ भी हुआ है, उससे पार्टी का ग्राफ कम हुआ है.
विधायकों ने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह की वजह से ही कांग्रेस ने 1984 में दरबार साहिब पर हमले और दिल्ली और देश में अन्य हिस्सों में सिखों के नरसंहार के बाद पंजाब में सत्ता हासिल की। विधायकों ने कहा, अमरिंदर सिंह का समाज के सभी वर्गों खासकर किसानों से बहुत सम्मान है. किसानों के लिए कैप्टन ने टर्मिनेशन ऑफ वाटर एग्रीमेंट्स बिल 2004 को पारित करते हुए अपनी मुख्यमंत्री की कुर्सी को भी खतरे में डाल दिया था.
चुनाव में 6 महीने, ऐसे कदम से नुकसान हो सकता है
विधायकों के मुताबिक, अमरिंदर सिंह अपने सैद्धांतिक रुख के चलते सिखों के बीच एक बड़े नेता हैं. विधायकों ने कहा कि चुनाव में सिर्फ छह महीने बचे हैं, इसलिए पार्टी को अलग-अलग दिशाओं में खींचने से 2022 के चुनावों में नुकसान ही होगा। उन्होंने कैप्टन अमरिंदर सिंह की उस मांग का भी समर्थन किया कि नवजोत सिंह सिद्धू, जिन्होंने उनके और सरकार के खिलाफ कई ट्वीट किए थे, उन्हें सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए, ताकि पार्टी और सरकार मिलकर काम कर सकें।
इन विधायकों ने लिखा पत्र
पत्र लिखने वाले विधायकों में हरमिंदर सिंह गिल, फतेह बाजवा, गुरप्रीत सिंह, लदीप सिंह वैद, गिल, बलविंदर सिंह, सेतोख सिंह भलाईपुर, जोगिंदरपाल, जगदेव सिंह, पिरमल सिंह खालसा, सुखपाल सिंह खैरा शामिल हैं.
सिद्धू के समर्थन में आए मदनलाल
उधर, कांग्रेस विधायक मदनलाल ने कहा कि नवजोत सिंह सिद्धू के अध्यक्ष बनाने से पंजाब में कांग्रेस पार्टी को फायदा होगा और जो मौजूदा सीटें हैं, अगले चुनाव में उससे ज्यादा सीटें पंजाब में आएंगी. मदनलाल ने कहा कि नवजोत सिंह सिद्धू जरूर पंजाब के अध्यक्ष बनेंगे और कांग्रेस पार्टी आगे बढ़ेगी. हालांकि, इस बारे में जब नवजोत सिंह सिद्धू से जब पूछा गया तो वह कुछ नहीं बोले. सिद्धू पार्टी की घोषणा के मीडिया से बात करेंगे.