पंजाब के होशियारपुर में एक दम सॉलिड इनपुट के बाद पंजाब पुलिस एक्शन में आई, लेकिन सामने से गाड़ी से कूदकर अपने सहयोगी के साथ अमृतपाल भाग निकला. बताया जा रहा है कि अमृतपाल ने पंजाब से भागने के बाद 'लेडी नेटवर्क' का ज्यादातर इस्तेमाल किया. सूत्रों के मुताबिक, पपलप्रीत की कई महिला दोस्त हैं, जो उसकी बेहद करीबी हैं. पंजाब से भागने के बाद अमृतपाल और पपलप्रीत ने सिर्फ लेडी नेटवर्क का इस्तेमाल किया.
बताया जा रहा है कि अमृतपाल सिंह और पपलप्रीत सबसे पहले 'लेडी नेटवर्क' का इस्तेमाल करते हुए पटियाला में रुके. पपलप्रीत ने हरियाणा में मौजूद अपनी करीबी दोस्त के घर पर शरण ली. यहां महिला और उसके भाई का फोन इस्तेमाल किया और अमृतपाल और पपलप्रीत ने अपने करीबियों से बात की. आगे कैसे भागना और बचना है, उसकी रणनीति बनाई.
इसके अलावा दिल्ली में पपलप्रीत अमृतपाल को लेकर अपनी महिला दोस्त के पास पहुंचा था. पपलप्रीत की तकरीबन 10 से ज्यादा महिला दोस्त एजेंसियों के रडार पर थीं, इन सबका फोन और सोशल मीडिया अकाउंट सर्विलांस पर था. दिल्ली में 3 लड़कियां रडार पर थीं, जिनसे एजेंसी पूछताछ कर रही थी. उनका फोन और सोशल मीडिया लगातार जांच में था.
एजेंसियों को कैसे दिया चकमा?
हरियाणा में जब पपलप्रीत की महिला दोस्त गिरफ्तार हुई, उसके बाद अमृतपाल और पपलप्रीत अलर्ट हो गए और रुकने व ठहरने का तरीका बदल दिया. अमृतपाल और पपलप्रीत ने कभी खुद का फोन इस्तेमाल नहीं किया, बल्कि जिनके यहां वो छिपे, उनका या राह चलते लोगों का फोन मांगकर इस्तेमाल किया. इन्हीं वजहों से दोनों लगातार एजेंसियों को चकमा देते रहे. वहीं अब अमृतपाल और उसका साथी पपलप्रीत पंजाब में पूरी तरह से घिर चुका है.
11 दिन से फरार चल रहा है अमृतपाल
'वारिस पंजाब दे' संगठन का प्रमुख अमृतपाल घिरता जा रहा है. वह 11 दिन से फरार है. जहां-जहां वह छिपता फिर रहा है, वहां-वहां पंजाब पुलिस के अलावा दिल्ली, हरियाणा की भी पुलिस पहुंच जा रही है. ऐसे में कहा जा रहा है कि उसने अमृतसर में गोल्डन टेंपल में अकाल तख्त पर जाकर आत्मसमर्पण का प्लान बनाया है. इसे देखते हुए पंजाब पुलिस अलर्ट पर है. गोल्डन टेंपल के आस पास सुरक्षा बढ़ा दी गई है. सैकड़ों पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है.
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इससे पहले पंजाब पुलिस को मंगलवार को अमृतपाल के होशियारपुर में छिपे होने की सूचना मिली थी. पुलिस ने फगवाड़ा में एक अज्ञात वाहन का पीछा किया, इसमें अमृतपाल के होने का अनुमान था. मरनियां में गुरुद्वारे के पास इस कार में बैठे लोग वाहन छोड़कर फरार हो गए थे. इसके बाद मरनियां गांव में और उसके आसपास भारी पुलिस बल तैनात की गई. पुलिस ने मंगलवार देर रात अमृतपाल को पकड़ने के लिए डोर टू डोर ऑपरेशन चलाया.
जालंधर में आत्मसमर्पण करने वाला था अमृतपाल
अमृतपाल सिंह एक इंटरनेशनल चैनल को इंटरव्यू देने के लिए जालंधर वापस जा रहा था. उसका प्लान था कि वह पहले इस पूरे मामले को लेकर बयान देगा और फिर पंजाब पुलिस के सामने सरेंडर कर देगा, लेकिन पुलिस को इसकी जानकारी हो गई और उसका प्लान धरा ही रह गया.
पुलिस को चकमा देकर फरार हुआ अमृतपाल
पंजाब पुलिस की इंटेलिजेंस यूनिट अमृतपाल की पंजाब नंबर की इनोवा गाड़ी (PB 10 CK 0527) का फगवाड़ा से ही पीछा कर रही थी. ड्राइवर ने गाड़ी भगाकर होशियारपुर ज़िले के गांव मरनाईया के गुरुद्वारे में घुसा दी. उसके बाद गाड़ी को चालू हालत में छोड़कर गाड़ी में सवार दोनों संदिग्ध दीवार कूदकर भाग गए. अमृतपाल एक बार फिर पुलिस को चकमा देकर भागने में सफल रहा. उसके साथ उसका सहयोगी पप्पलप्रीत और एक सहयोगी भी भागा है.
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कौन है अमृतपाल सिंह?
अमृतपाल 'वारिस पंजाब दे'संगठन का चीफ है. वह कुछ दिन पहले ही दुबई से लौटा है. वारिस पंजाब दे संगठन को पंजाबी अभिनेता दीप सिद्धू ने बनाया था. दीप सिद्धू की मौत के बाद अमृतपाल ने इस पर कब्जा कर लिया. उसने भारत आकर संगठन में लोगों को जोड़ना शुरू किया. अमृतपाल का ISI लिंक बताया जा रहा है.
अमृतपाल सबसे पहले 23 फरवरी को चर्चा में आया था. उसने अजनाला में अपने करीबी को छुड़ाने के लिए हजारों समर्थकों के साथ थाने पर हमला बोल दिया था. इस हमले में 6 पुलिसकर्मी जख्मी हुए थे. इसके बाद उसने कई टीवी चैनलों में दिए इंटरव्यू में अलग खालिस्तान की मांग की थी. अमृतपाल ने देश के गृह मंत्री अमित शाह को भी धमकी दी थी.
पंजाब पुलिस ने 18 मार्च को अमृतपाल पर लिया सख्त एक्शन
पंजाब पुलिस ने 18 मार्च को अमृतपाल और उसके करीबियों पर बड़ा एक्शन लिया. इस दौरान उसके सैकड़ों समर्थक और करीबी गिरफ्तार किए गए, लेकिन अमृतपाल पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था. इसके बाद से पुलिस को उसकी तलाश है. अमृतपाल के चाचा समेत 7 करीबियों को असम की डिब्रूगढ़ जेल में रखा गया है. तभी से अमृतपाल फरार चल रहा है.