खालिस्तानी समर्थक अमृतपाल सिंह पुलिस से बचन के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा है. इसी बीच उसकी गिरफ्तारी को लेकर सोशल मीडिया पर अफवाहें भी फैलाई जा रही हैं. इसको लेकर बठिंडा ने जानकारी दी है और लोगों से एक अपील की है. बठिंडा एसएसपी गुलनीत खुराना ने कहा कि यूके, यूएसए और कनाडा में बैठे कुछ लोग सोशल मीडिया पर झूठी खबर फैला रहे हैं कि अमृतपाल को गिरफ्तार कर लिया गया है और प्रताड़ित किया जा रहा है.
उन्होंने लोगों से अपील है कि अमृतपाल की गिरफ्तारी के बारे में फैलाई जा रही फर्जी सूचनाओं पर विश्वास न करें. जब भी वो गिरफ्तार किया जाएगा, पुलिस प्रेस कांफ्रेंस करके जानकारी देगी. बठिंडा में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बीएसएफ की 2 कंपनियां और पुलिस के 140 जवान तैनात किए गए हैं. उधर, अमृतपाल की एक नई सीसीटीवी फुटेज सामने आई है. सूत्रों के मुताबिक, ये फुटेज पटियाला की है. यहां पर उसे एक स्कूटी प्रोवाइड कराई गई थी. सीवीटीवी फुटेज में अमृतपाल सिंह फोन पर बात करता हुआ भी दिखाई दे रहा है.
अमृतपाल या उसके सहयोगी पप्पलप्रीत का कोई सुराग नहीं
चर्चा है कि अमृतपाल साधु के भेष में दिल्ली के ISBT (Inter-State Bus Terminus) बस अड्डे पहुंचा था. इस मामले में पुलिस सूत्रों का कहना है कि अमृतपाल या उसके सहयोगी पप्पलप्रीत का कोई सुराग नहीं मिला है. ये भी नहीं क्लियर हुआ है कि दोनों दिल्ली आए थे. ये जानकारी सामने आई थी कि अमृतपाल हरियाणा रोडवेज की बस से भागा है. 20 मार्च को वो और पप्पलप्रीत हरियाणा रोडवेज की बस में बैठे थे. इसे लेकर ड्राइवर और बस कंडक्टर से भी पूछताछ हुई थी.
ये भी पढ़ें- Exclusive: रात में आया, खाना खाया फिर मोबाइल पर... अमृतपाल केस में इस महिला ने किया बड़ा खुलासा
बलजीत कौर ने किया था सनसनीखेज खुलासा
बीते दिन अमृतपाल को अपने घर में पनाह देने वाली महिला बलजीत कौर ने सनसनीखेज खुलासा किया था. उसने आज तक से एक्सक्लूसिव बातचीत में उसने कहा था, "मैं अमृतपाल को नहीं जानती थी, पप्पलप्रीत को जानती हूं. उससे इंस्टाग्राम के जरिए परिचय हुआ था. वही रात में अमृतपाल को लेकर मेरे घर आया था. दोनों ने खाना भी खाया था. इसी दौरान जब उसने (अमृतपाल) नकाब हटाया तो मैंने चेहरा देखा था और पहचान गई थी. दोनों नॉर्मल लग रहे थे."
'जाने से पहले मेरे मोबाइल में कुछ सर्च किया था'
बलजीत कौर ने आगे बताया, "अमृतपाल ने मेरा फोन इस्तेमाल किया. अगले दिन वो सुबह जल्दी उठा था और चाय पी. वो घर में रहा जबकि पप्पलप्रीत बाहर टहलने गया था. इसके बाद करीब 1:30 बजे दोनों घर से निकल गए थे. जाने से पहले उसने मेरे मोबाइल में कुछ सर्च किया था. उसने ये नहीं बताया कि कहां जा रहा है. उसने (अमृतपाल) स्कूटी दी और कहा कि इसको पटियाला छोड़ आओ. उसके जाने के बाद मुझे इस बात का अहसास हुआ कि मैं फंस गई हूं. अमृतपाल ने पगड़ी पहन रखी थी और उसका चेहरा ढंका हुआ था. इसके अलावा मुझे कुछ नहीं पता."
अमृतपाल ने बलजीत के फोन से सुक्खा को कॉल की थी
उधर, पंजाब पुलिस ने सुक्खा नाम के शख्स को हिरासत में लिया. अमृतपाल ने बलजीत कौर के फोन से सुक्खा को कॉल की थी. सुक्खा अमृतसर का रहने वाला है और फिलहाल मध्य प्रदेश के इंदौर में रह रहा था. बता दें कि अमृतपाल सिंह को पकड़ने के लिए पंजाब पुलिस ऑपरेशन चला रही है. अब तक उसके सैकड़ों समर्थकों को पकड़ा जा चुका है. कुछ लोगों के खिलाफ एनएसए के तहत कार्रवाई की गई है.