भगोड़े अमृतपाल सिंह ने बुधवार को एक वीडियो जारी किया. इस वीडियो में भगोड़े ने पुष्टि की कि उसे गिरफ्तार नहीं किया गया था और वह पुलिस घेरा तोड़कर भागने में सफल रहा था. पांच मिनट के इस वीडियो में अमृतपाल पंजाब पुलिस के सामने सरेंडर से पहले अपनी शर्तें रखता दिखाई दे रहा है.
यह वीडियो किस जगह पर शूट किया गया इसकी पुष्टि नहीं की गई है. लेकिन सूत्रों के मुताबिक यह कहा जा रहा है कि यह वीडियो यूपी के लखीमपुर खीरी में शूट किया गया है. साथ ही कहा जा रहा है कि यह वीडियो ब्रिटेन के यूट्यूब चैनल से अपलोड किया गया, जिसे कि अब भारत में बैन कर दिया गया है. इस वीडियो में अमृतपाल ने अकाल तख्त के प्रमुख ज्ञानी हरप्रीत सिंह का जिक्र करते हुए उनसे इस बैसाखी पर 'सरबत खालसा' बैठक बुलाने की अपील की है.
क्या होता है सरबत खालसा?
सरबत खालसा एक ऐसी सभा को कहते हैं जिसमें कि कई सिख संगठन हिस्सा लेते हैं. इस दौरान पंथक संगठन आए हुए संकट का हल तलाशने के लिए चर्चा करते हैं. इसके बाद जो भी फैसला होता है तख्त साहिब के जत्थेदार कौम को उसका पालन करने के लिए आदेश देते हैं.
भिंडरावाले 2.0 के बदले हावभाव
वीडियो में अमृतपाल सिंह के हावभाव भी साफ तौर पर देखे जा सकते हैं. उसकी धीमी आवाज और अस्थिर आंखें साफ कह रही हैं कि 12 दिनों तक पुलिस से बचना उसके लिए भी काफी मुश्किल रहा है. इस अमृतपाल की तुलना खालिस्तानी नेता जरनैल सिंह भिंडरावाले से की जाती है. लेकिन इस वीडियो में अमृतपाल के हावभाव काफी अलग नजर आए.
अब तक फरार है खालिस्तानी नेता अमृतपाल
हालांकि पुलिस अधिकारियों ने अभी तक अमृतपाल के सरेंडर करने की पुष्टि नहीं की है. लेकिन सूत्रों का कहना है कि वह नियम और शर्तों के साथ सरेंडर करने का इच्छुक था. खबर है कि उसके सरेंडर के लिए एक बड़ा धार्मिक नेता पुलिस और अमृतपाल के बीच मध्यस्थता के काम में लगा हुआ था.
अमृतपाल की तीन शर्तें
सूत्रों का कहना है कि अमृतपाल ने अपने मध्यस्थ (Mediator) के जरिए सरेंडर करने की योजना का खुलासा किया. उसने कहा था कि उसे पंजाब की जेल में रखा जाए और उसे प्रताड़ित न किया जाए. साथ ही उसकी शर्त यह है कि उसके सरेंडर को गिरफ्तारी न बताया जाए.
वहीं अपनी भड़काऊ वीडियो में अमृतपाल ने कहा, 'मेरी गिरफ्तारी ऊपर वाले के हाथ में है. मेरे दिन ठीक चल रहे हैं. कोई मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकता.' उसका कहना है कि वाहे गुरू द्वारा उसे दिखाया गया मार्ग कठिन था, जिससे कि वो और ज्यादा मजबूत हुआ है. उसने कहा, 'वाहे गुरू ने इस मुश्किल रास्ते पर मेरा साथ दिया. वाहे गुरू की कृपा है कि मैं इतने बड़े घेरे से बाहर आ गया हूं.'
क्या है सरेंडर प्लान?
दिलचस्प बात यह है कि अमृतपाल सिंह ने 3 मार्च, 2023 को अकाल तख्त प्रमुख ज्ञानी हरप्रीत सिंह से मुलाकात की थी. बाद में पंजाब इंटेलिजेंस की चीफ जसकरन सिंह ने भी 24 मार्च को ज्ञानी से मुलाकात की. ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने अमृतपाल सिंह को पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करने की सलाह भी दी थी क्योंकि उसके इस तरह भागने से सिख समुदाय में गलत संदेश जा रहा था.
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पंजाब पुलिस के लिए राहतभरी खबर
ऐसे में सवाल है कि क्या ज्ञानी हरप्रीत सिंह की सलाह पर अमृतपाल सिंह सरेंडर करने की कोशिश कर रहा है? सवाल यह है कि आखिर वो सरेंडर प्लान क्या है जिस पर पुलिस अधिकारी भी चुप्पी साधे हुए हैं. हालांकि अवैध हिरासत के आरोपों का सामना कर रही पंजाब पुलिस के लिए भी अमृतपाल का वीडियो राहत लेकर आया है. अमृतपाल के परिवार और समर्थकों ने पंजाब पुलिस पर अवैध हिरासत में रखने का आरोप लगाया था. पुलिस हालांकि पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट सहित सभी को बताती रही कि अमृतपाल अभी भी भगोड़ा है.
वीडियो में पुलिस को चुनौती
अपने वीडियो में अमृतपाल ने एक बार फिर से लोगों को भड़काने की कोशिश की है. इस वीडियो में भगोड़ा अमृतपाल पुलिस और सिस्टम को चुनौती देते हुए कह रहा है कि वक्त आ गया है, लोग अब कमर कस लें. अगर आप नहीं जागे तो फिर कभी नहीं हो पाएगा. साथ ही वो पुलिस को एक बार फिर से चुनौती दे रहा है. अपनी गिरफ्तारी के मामले पर अमृतपाल खुलकर कह रहा है कि कोई उसका बाल बांका नहीं कर सकता, बल्कि वो एकदम ठीक है.
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आखिर कौन है अमृतपाल सिंह?
अमृतपाल 'वारिस पंजाब दे' नामक खालिस्तानी संगठन का चीफ है. वह कुछ दिन पहले ही दुबई से लौटा है. वारिस पंजाब दे संगठन को पंजाबी अभिनेता दीप सिद्धू ने बनाया था. दीप सिद्धू की मौत के बाद अमृतपाल ने इस पर कब्जा कर लिया. उसने भारत आकर संगठन में लोगों को जोड़ना शुरू किया. अमृतपाल का ISI लिंक बताया जा रहा है.
कैसे चर्चा में आया अमृतपाल?
अमृतपाल सबसे पहले 23 फरवरी को चर्चा में आया था. उसने अजनाला में अपने करीबी को छुड़ाने के लिए हजारों समर्थकों के साथ थाने पर हमला बोल दिया था. इस हमले में 6 पुलिसकर्मी जख्मी हुए थे. इसके बाद उसने कई टीवी चैनलों में दिए इंटरव्यू में अलग खालिस्तान की मांग की थी. अमृतपाल ने देश के गृह मंत्री अमित शाह को भी धमकी दी थी.