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अमृतसर रेल हादसे में नया मोड़! पुलिस ने दी थी रावण दहन की मंजूरी

अमृतसर ट्रेन हादसे को लेकर जारी ब्लेम-गेम के बीच दो खत सामने आए हैं. एक खत में दशहरा कमेटी ने पुलिस को लिखकर कार्यक्रम आयोजित करने की इजाजत और सुरक्षा व्यवस्था की मांग की है, जबकि दूसरे खत में पुलिस ने जवाब दिया है. पुलिस ने कहा है कि उसको इस कार्यक्रम के आयोजन को लेकर कोई आपत्ति नहीं है.

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फोटो- पीटीआई
फोटो- पीटीआई

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पंजाब के अमृतसर में हुए भीषण रेल हादसे में नया मोड़ आ गया है. इस हादसे से रेलवे और स्थानीय प्रशासन बेशक पल्ला झाड़ने की कोशिश कर रहा हो, लेकिन हकीकत यह है कि दशहरा कमेटी ने बाकायदा खत लिखकर पुलिस से सुरक्षा व्यवस्था की मांग की थी. साथ ही पुलिस ने दशहरा कार्यक्रम आयोजित करने की मंजूरी भी दी थी.

असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर दलजीत सिंह ने दशहरा कमेटी को दिए जवाब में कहा था कि पुलिस को दशहरा कार्यक्रम आयोजित करने को लेकर कोई आपत्ति नहीं है.

इन दोनों के खत सामने आने के बाद से साफ हो गया है कि दशहरा कमेटी की ओर से स्थानीय प्रशासन को जानकारी दी गई थी और सुरक्षा व्यवस्था की मांग की गई थी. लेकिन एनओसी देने के बाजवूद कार्यक्रम स्थल पर शुक्रवार पुलिस की मौजूदगी नजर नहीं आई और एक बड़ा हादसा हो गया.

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हालांकि, अमृतसर नगर निगम की बात की जाए तो उसकी तरफ से रावण दहन उत्सव के आयोजन की अनुमति नहीं दी गई थी. न्यूज एजेंसी पीटीआई ने अमृतसर नगर निगम आयुक्त सोनाली गिरी के हवाले से लिखा है कि नगर निगम से ऐसे किसी आयोजन की परमिशन नहीं मांगी गई थी. सोनाली गिरी ने बताया कि पिछले साल के मुकाबले इस बार बड़े पैमाने पर इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया.

हालांकि, अब तक यह जानकारी सामने आ रही थी, प्रशासन की तरफ से इस कार्यक्रम के आयोजन की परमिशन नहीं थी, बावजूद इसके रावण दहन का आयोजन किया गया. वहीं, केंद्रीय रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा कह रहे हैं कि स्थानीय प्रशासन ने रेलवे को रावण दहन की कोई जानकारी नहीं दी थी.

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