पंजाब के अमृतसर में हुए भीषण रेल हादसे में नया मोड़ आ गया है. इस हादसे से रेलवे और स्थानीय प्रशासन बेशक पल्ला झाड़ने की कोशिश कर रहा हो, लेकिन हकीकत यह है कि दशहरा कमेटी ने बाकायदा खत लिखकर पुलिस से सुरक्षा व्यवस्था की मांग की थी. साथ ही पुलिस ने दशहरा कार्यक्रम आयोजित करने की मंजूरी भी दी थी.
असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर दलजीत सिंह ने दशहरा कमेटी को दिए जवाब में कहा था कि पुलिस को दशहरा कार्यक्रम आयोजित करने को लेकर कोई आपत्ति नहीं है.
#AmritsarTrainAccident: Dussehra committee had written a letter (pic 1) to police seeking security arrangements for Dussehra celebrations at Dhobi Ghat, Golden Avenue in Amritsar. Assistant Sub-Inspector Daljeet Singh reverted (pic 2) that police have no objections in this regard pic.twitter.com/cu7QXbXZV7
— ANI (@ANI) October 20, 2018
इन दोनों के खत सामने आने के बाद से साफ हो गया है कि दशहरा कमेटी की ओर से स्थानीय प्रशासन को जानकारी दी गई थी और सुरक्षा व्यवस्था की मांग की गई थी. लेकिन एनओसी देने के बाजवूद कार्यक्रम स्थल पर शुक्रवार पुलिस की मौजूदगी नजर नहीं आई और एक बड़ा हादसा हो गया.
हालांकि, अमृतसर नगर निगम की बात की जाए तो उसकी तरफ से रावण दहन उत्सव के आयोजन की अनुमति नहीं दी गई थी. न्यूज एजेंसी पीटीआई ने अमृतसर नगर निगम आयुक्त सोनाली गिरी के हवाले से लिखा है कि नगर निगम से ऐसे किसी आयोजन की परमिशन नहीं मांगी गई थी. सोनाली गिरी ने बताया कि पिछले साल के मुकाबले इस बार बड़े पैमाने पर इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया.
हालांकि, अब तक यह जानकारी सामने आ रही थी, प्रशासन की तरफ से इस कार्यक्रम के आयोजन की परमिशन नहीं थी, बावजूद इसके रावण दहन का आयोजन किया गया. वहीं, केंद्रीय रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा कह रहे हैं कि स्थानीय प्रशासन ने रेलवे को रावण दहन की कोई जानकारी नहीं दी थी.