नए कृषि कानूनों के खिलाफ पंजाब में किसानों का विरोध प्रदर्शन जारी है. इस बीच बठिंडा जिले के गांव विर्क खुर्द की पंचायत ने प्रस्ताव पारित किया है कि हर घर से एक व्यक्ति दिल्ली संघर्ष में जाएगा. पंचायत ने फरमान सुनाया कि किसानों के समर्थन में नहीं जाने वाले परिवार पर जुर्माना लगाया जाएगा. साथ ही सामाजिक बहिष्कार भी होगा.
इधर ट्रैक्टर रैली के दौरान लाल किले पर केसरी झंडा निशान साहिब फहराने वाले की तलाश पंजाब में जारी है. आरोपी जुगराज की तलाश में दिल्ली पुलिस की टीम ने शुक्रवार को जालंधर में छापेमारी की. लाल किले पर धार्मिक झंडा लगाने वाले जुगराज सिंह और उसका परिवार गायब है.
दिल्ली पुलिस ने आरोपी जुगराज सिंह पर दंगे और देशद्रोह का मामला दर्ज किया है. हालांकि पंजाब में तरन तारन पुलिस ने 26 जनवरी को रात 10 बजे के करीब जुगराज सिंह के कथित तौर पर खालिस्तानी संगठन से संबंध को लेकर परिवार से लंबी पूछताछ की थी.
जुगराज किसान आंदोलनकारियों में शामिल था और उसने कथित तौर पर लाल किले की प्राचीर पर चढ़कर निशान साहिब का झंडा फहराया था. जुगराज के दादा, दादी, पिता, माता और तीन बहनें सभी दिल्ली पुलिस की पूछताछ से बचने के लिए गायब हैं.
सद्भावना दिवस मनाएंगे किसान
बता दें कि दिल्ली में 26 जनवरी को ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा के बाद किसानों का आंदोलन कमजोर पड़ता दिखने लगा था. कई किसानों संगठनों ने आंदोलन से अपने को अलग कर लिया था, लेकिन शुक्रवार की शाम किसान नेता राकेश टिकैत के आंसुओं के सैलाब के बाद किसान आंदोलन एक बार फिर से रफ्तार पकड़ रहा है. आज आंदोलनकारी किसान राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि (30 जनवरी) पर उपवास रखेंगे. किसान राष्ट्रपिता की पुण्यतिथि को सद्भावना दिवस के रूप में मना रहे हैं.