पंजाब के मुख्यमंत्री की कुर्सी पर रहते हुए बेअंत सिंह की हत्या हुई थी. संवेदनशील समय में उग्रवाद प्रभावित पंजाब की कमान संभालने वाले बेअंत सिंह ने काफी हद तक उग्रवादी गतिविधियों को नियंत्रित कर लिया था. साल 1995 के अगस्त महीने की 31 तारीख को तत्कालीन मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की मुख्यमंत्री सचिवालय में ही हत्या हो गई थी.
देश के सबसे चर्चित हत्याकांड को मानव बम के जरिये अंजाम दिया गया था. बेअंत सिंह को बम से उड़ाने के मामले में दिलावर सिंह का नाम आया था. दिलावर सिंह का नाम और बेअंत सिंह हत्याकांड, ये दोनों फिर से चर्चा में आ गए हैं. इस बार वजह है दिलावर सिंह की तस्वीर को एक म्यूजियम में लगाया जाना.
केंद्रीय सिख म्यूजियम में दिलावर सिंह की तस्वीर लगाई गई है. मंगलवार को आयोजित एक कार्यक्रम में श्रीहरमिंदर साहिब के केंद्रीय सिख म्यूजियम में सरदार बेअंत सिंह पर बम से हमला करने वाले दिलावर सिंह की तस्वीर लगाई गई. श्रीअकाल तख्त साहिब ने दिलावर सिंह को साल 2012 में अमर शहीद का दर्जा दिया था.
अमर शहीद के दर्जे के करीब 10 साल बाद अब दिलावर सिंह की तस्वीर को भी म्यूजियम में जगह दे दी गई है. सचखंड श्रीहरमिंदर साहिब केंद्रीय सिख म्यूजियम में तस्वीरें लगाए जाने की जानकारी शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने दी है.
हरजिंदर सिंह धामी ने बेअंत सिंह की हत्या करने वाले की तस्वीर म्यूजियम में लगाए जाने का विरोध करने वालों को भी जवाब दिया. उन्होंने कहा कि जो लोग इसका विरोध कर रहे हैं, उनसे कहना चाहता हूं कि ये सिख पंथ का आंतरिक मामला है.
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष ने कहा कि हम किसी दूसरे धर्म या पंथ के मामलों में दखल नहीं देते तो ये भी उम्मीद करते हैं कि सिख धर्म के मामलों में भी कोई दखलअंदाजी नहीं करेगा. दिलावर सिंह के साथ ही श्रीअकाल तख्त साहिब में लंबे समय तक अलग-अलग पदों पर रहे ग्रंथी भगवान सिंह की तस्वीर भी सिख म्यूजियम में लगाई गई है.