दिल्ली के तीन डॉक्टरों में कोरोना वायरस पाए जाने के बाद अब चंडीगढ़ का एक डॉक्टर और पंचकूला की एक नर्स भी COVID-19 से संक्रमित हो गए हैं. चंडीगढ़ में मंगलवार को दो संदिग्ध मरीजों के नमूने पॉजिटिव पाए जाने और एक मरीज की मौत के बाद पीजीआई और GMCH मेडिकल कॉलेज चंडीगढ़ के दर्जनभर डॉक्टरों और 45 नर्सिंग स्टाफ को क्वारनटीन में भेज दिया गया है.
जिन लोगों को क्वारनटीन में भेजा गया है उसमें पीजीआई के 5 डॉक्टर, 22 नर्सिंग कर्मचारी, 5 सफाई कर्मचारी और 4 हॉस्पिटल अटेंडेंट शामिल हैं. बाकी के 5 डॉक्टर दो इमरजेंसी मेडिकल अधिकारी और एक रेडियोग्राफर सेक्टर 16 के मेडिकल कॉलेज में कार्यरत थे, उन्हें क्वारनटीन के लिए भेजा गया है.
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हैरानी की बात यह है कि पंचकूला की 32 वर्षीय नर्स ने एक मरीज का मोबाइल फोन छूने की हिमाकत कर दी थी, बस उसी से संक्रमण हो गया. नर्स को उसी आइसोलेशन वार्ड में भर्ती करवाया गया है, जहां संक्रमित महिला भर्ती है. अब नर्स के परिवार के चार सदस्यों और जिस मकान में रहती थी उसके मकान मालिक और उसकी पत्नी को भी क्वारनटीन में भेजा गया है.
चंडीगढ़ के जिस डॉक्टर को कोविड-19 से संक्रमित पाया गया है, उसकी उम्र 40 साल है. वह मोहाली के एक निजी अस्पताल में कार्यरत था. डॉक्टर ने कनाडा से आए एक संक्रमित दंपति को देखा था. जिसके बाद वह खुद संक्रमण का शिकार हो गए.
उधर पंचकूला की एक मोबाइल मेडिकल वैन में कार्यरत एक स्टाफ नर्स का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है. यह नर्स बेहद घबराई हुई शिकायत कर रही है कि उसे और उसके साथ काम करने वाली आशा वर्कर्स को मास्क और दूसरे PPE नहीं दिए जा रहे हैं. जब पंचकूला की सिविल सर्जन डॉक्टर जगजीत कौर से बात की गई तो उन्होंने कहा कि जिस नर्स का वीडियो वायरल हुआ है वह किसी आइसोलेशन वार्ड में कार्यरत नहीं है.
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मोबाइल फोन छूने से संक्रमित हुई नर्स के बारे में डॉक्टर जसजीत कौर ने कहा कि डॉक्टर और नर्स नोबेल कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा झेल रहे हैं. इस मामले के बाद अब डॉक्टरों को मरीजों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है.
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देश में पहले से ही डॉक्टरों और नर्सों की कमी है. कोरोना वायरस के संक्रमण के बाद डॉक्टरों और नर्सों की और कमी महसूस की जा सकती है. ऐसे में जरूरी है कि डॉक्टरों और नर्सों को नोबेल कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाया जाए.