केंद्र सरकार ने संसद के जारी मॉनसून सत्र के दौरान किसानों से संबंधित दो बिल पारित कराए हैं. सरकार की ओर से पेश इन विधेयकों को किसान विरोधी बताते हुए विपक्ष हमलावर है, वहीं सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विपक्ष को ही किसान विरोधी बता रही है.
किसान सड़कों पर हैं, वहीं सत्ताधारी और विपक्षी खेमे के बीच सियासी रस्साकशी भी जारी है. पंजाब सरकार के पूर्व मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने भी किसान बिल को किसानों का विरोधी बताते हुए इसके खिलाफ प्रोटेस्ट का ऐलान किया है.
नवजोत सिंह सिद्धू अमृतसर ईस्ट के काउंसिलर्स और अमृतसर ईस्ट के कार्यकर्ताओं के साथ हॉल गेट के बाहर धरना देंगे. पंजाब सरकार के पूर्व मंत्री सिद्धू के धरने की शुरुआत 11 बजे से होगी. धरने से पहले सिद्धू ने ट्वीट कर सरकार पर शायराना अंदाज में हमला बोला.
आवाज़-ए-किसान :-
— Navjot Singh Sidhu (@sherryontopp) September 22, 2020
जिन्हें हम हार समझे थे गला अपना सजाने को, वही अब नाग बन बैठे हमारे काट खाने को।
गौरतलब है कि किसान बिल के विरोध में पंजाब कांग्रेस ने 21 सितंबर के दिन प्रदेश और जिले से लेकर ग्राम पंचायत स्तर तक धरने का ऐलान किया था. ग्राम पंचायतों के सरपंच से भी अपने-अपने गांव में धरना देने को कहा गया था.
पंचायतीराज विभाग के एक अधिकारी की ओर से सारदुलगढ़ में पंचायतीराज विभाग की ओर से एक पत्र भी जारी कर दिया गया था. इस पत्र को लेकर जब सियासी घमासान मचा, आनन-फानन में उस अधिकारी का तबादला कर दिया गया, जिसने पत्र जारी किया था.