दिल्ली में गणतंत्र दिवस के मौके पर कृषि कानून का विरोध कर रहे किसानों के प्रदर्शन के बीच पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने किसानों के समर्थन में आवाज उठाई है और पीएम मोदी से किसानों की मांगें मानने की अपील की है.
सीएम अमरिंदर ने कहा कि मेरा दिल किसानों के साथ है. केंद्र सरकार कृषि कानून बनाने को लेकर जानबूझकर उच्च स्तरीय कमेटी से पंजाब को बाहर रखा था. केंद्र सरकार को पता था कि पंजाब से ही विरोध के सुर शुरू होंगे. उन्होंने कहा कृषि कानून के खिलाफ यह आवाजें उठती रहेंगी जबतक किसानों के हित सुरक्षित नहीं हो जाते हैं.
सीएम अमरिंदर ने कहा कि पंजाब को कमेटी में जगह उनके निजी तौर पर पत्र लिखने के बाद दी गई थी. काले कृषि कानून को लेकर ना ही उनसे, ना ही पंजाब सरकार से कोई चर्चा की गई थी. दिल्ली बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे किसानों की मांगों को मानने की अपील करते हुए सीएम अमरिंदर सिंह ने कहा कि कृषि कानून संघीय ढांचे के भी खिलाफ है. यह कृषि क्षेत्र का मसला है और यह भारतीय संविधान के शेड्यूल सात के तहत राज्य के दायरे में आता है. सीएम अमरिंदर ने यह बातें राजा भलिंद्र सिंह स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स में ध्वजारोहण के दौरान कही.
उन्होंने कहा कि दिल्ली सीमा पर बुजुर्ग किसान बैठे हैं. वो वहां अपने लिए नहीं अपने बच्चों और आने वाली पीढ़ी के लिए बैठे हैं. उन्होंने किसानों से कहा कि शांति के साथ प्रदर्शन करें, देश की जनता उनके साथ है. उन्होंन कहा कि दूसरे देशों से भी भारत के किसानों को समर्थन मिल रहा है. सीएम अमरिंदर ने कहा कि उन्होंने कभी सोचा नहीं था कि देश को खाद्य के मामले में सक्षम बनाने में अहम भूमिका निभाने वाले पंजाब के किसानोंं को भी ये दिन देखना पड़ेगा.
सीएम अमरिंदर ने कहा कि देश में अनाज की कुल पैदावार में पंजाब के किसान का 40 फीसदी योगदान है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा से किसानों के साथ रही है. किसानों को एमएसपी दिलाने का समर्थन किया है. उन्होंने कहा कि नए कृषि कानून से सरकार की पीडीएस योजना पर भी असर होगा जिससे गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा.