कृषि कानून के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन जारी है. इस बीच कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पार्टी शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों को तीनों कृषि कानून को निष्प्रभावी बनाने के लिए अलग से कानून बनाने का निर्देश दिया है. इसी क्रम में पंजाब सरकार ने नया कानून लाने के लिए 19 अक्टूबर को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने का फैसला किया है.
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पहले घोषणा की थी कि उनकी सरकार नए कृषि कानूनों के खिलाफ विधायी, कानूनी और अन्य मार्गों से लड़ेगी. इस बीच बुधवार को केंद्र सरकार की ओर से किसान संगठनों से बातचीत की पहल की गई है. पंजाब से कुल सात किसान संगठन दिल्ली में कृषि मंत्रालय पहुंचे, जहां अधिकारियों से कानून पर मंथन हुआ.
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हालांकि, केंद्र सरकार और किसान यूनियन के बीच की बातचीत बेनतीजा रही. मंत्रालय में बात करने के बाद किसान संगठन के प्रतिनिधि बाहर आए. उन्होंने बताया कि मंत्रालय के लोगों ने उन्हें सिर्फ कानून को समझाने की कोशिश की, लेकिन ये नहीं बताया कि विवादित विषयों को कानून से हटाया जाएगा या नहीं.
केंद्र के अड़ियल रवैये के बाद पंजाब सरकार ने तीनों कृषि कानून को निष्प्रभावी बनाने के लिए कानून लाने की पहल की है. इसके लिए 19 अक्टूबर को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया है. विशेष सत्र बुलाने का फैसला बुधवार को हुए कैबिनेट बैठक में लिया गया. इसके साथ ही कई और भी फैसले लिए गए.
अब पंजाब की कैप्टन सरकार ने सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 33 परसेंट आरक्षण देने का फ़ैसला लिया है. ख़ुद मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने ट्वीट करके ये जानकारी दी. राज्य सरकार ने पंजाब सिविल सेवा नियम, 2020 को भी मंज़ूरी दी है ताकि पदों पर सीधी भर्ती में महिलाओं को आरक्षण मिले.