पंजाब के फाजिल्का जिले के जलालाबाद में व्रत का आटा खाने के बाद करीब डेढ़ सौ लोगों की तबीयत खराब हो गई. उल्टी-चक्कर आने की शिकायत के बाद विभिन्न अस्पतालों में लोगों को भर्ती कराया गया. कई लोग अपने घरों में बेहोशी की हालत में मिले. अचानक एक के बाद एक बीमार लोगों के पहुंचने से अस्पताल खचाखच भर गए. अब इस मामले में विधायक ने कार्रवाई के दिए आदेश दिए हैं.
जानकारी के मुताबिक, कल नवरात्रि का पहला दिन था. इस मौके पर लोगों ने करियाने की अलग-अलग दुकानों से दडउ का आटा खरीदकर खाया. इसके बाद रात में बड़े पैमाने पर लोगों की तबीयत खराब हो गई और इसके बाद उन्हें इलाज के लिए परिजनों ने अस्पताल पहुंचाया.
डॉक्टर के मुताबिक, इस आटे की वजह से करीब 150 लोग बीमार पड़ गए. लोगों को इलाज के लिए अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. उनकी हालत फिलहाल खतरे के बाहर बताई जा रही है. उधर, विधायक जगदीप गोल्डी कंबोज अस्पतालों में भर्ती लोगों का हाल जानने पहुंचे.
विधायक ने कहा कि उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि वे इस मामले की जांच के लिए एक टीम तैयार करें. प्रशासन एक टीम तैयार कर पूरे मामले की सख्ती से जांच करेगा और अगर कोई मिलावट करता पाया गया, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
बता दें कि बाजार में थोक भाव में 70 रुपये प्रति किलो में बिकने वाला आटा 45 रुपये प्रति किलो के दाम पर बेचा गया. इससे आशंका जताई जा रही है कि इस आटे में मिलावट हो सकती है. करियाना यूनियन बता रही है कि पूरे शहर में पांच थोक विक्रेता हैं और वे अब अपने स्तर पर मामले की जांच कर रहे हैं.
मगर, बड़ा सवाल यह उठता है कि आखिर यह किसकी लापरवाही है, जिसके चलते करीब 150 लोगों की जान खतरे में पड़ गई. विधायक की ओर से प्रशासन को कार्रवाई का आदेश दिया गया है.