पंजाब के मुक्तसर जिले की 83, लंबी विधानसभा सीट हाईप्रोफाइल सीट है. पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल इस सीट का विधानसभा में प्रतिनिधित्व करते हैं. इस बार भी प्रकाश सिंह बादल इसी विधानसभा सीट से विधायक हैं. प्रकाश सिंह बादल ने पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और आम आदमी पार्टी के जरनैल सिंह को शिकस्त दी थी.
लंबी कस्बा अबोहर से दिल्ली जाते समय मलोट से 20 किलोमीटर दूर और डबवाली से 15 किलोमीटर दूर है. बठिंडा से 38 किलोमीटर दूर स्थित लंबी सड़क के रास्ते दूसरे शहरों से जुड़ा हुआ है. यह रेल रूट से सीधे कनेक्ट नहीं है.
राजनीतिक पृष्ठभूमि
लंबी सीट की राजनीतिक पृष्ठभूमि की बात करें तो 1997 से 2017 तक प्रकाश सिंह बादल पांच बार विधायक रहे. इससे पहले कांग्रेस तीन बार जीत चुकी है. कांग्रेस के उम्मीवार ने लंबी सीट से 1962, 1967 और 1992 के चुनाव में जीत दर्ज की थी. 1969 और 1972 में इस सीट पर कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया के दाना राम विधायक निर्वाचित हुए तो 1977 में प्रकाश सिंह बादल के छोटे भाई गुरदास सिंह बादल विजयी रहे थे. उनके बाद 1982 और 1987 में हर दीपेंद्र सिंह शिरोमणि अकाली दल की तरफ से जीते. साल 1997 से अब तक पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल इसी सीट से चुनाव जीतते आ रहे हैं.
2017 का जनादेश
साल 2017 के चुनाव में लंबी सीट से आम आदमी पार्टी (एएपी) ने दिल्ली के विधायक जरनैल सिंह को उम्मीदवार बनाया था. कैप्टन अमरिंदर सिंह भी पटियाला के साथ लंबी से भी चुनाव मैदान में उतर गए. सरदार प्रकाश सिंह बादल 66 हजार 375 वोट पाकर विजयी रहे. कैप्टन अमरिंदर सिंह 43605 वोट के साथ दूसरे और जरनैल सिंह 21 हजार 254 वोट के साथ तीसरे स्थान पर रहे.
सामाजिक ताना-बाना
लंबी विधानसभा सीट पर अनुमान के मुताबिक करीब दो लाख वोटर हैं. यहां पिछले चुनाव में अच्छा मतदान हुआ था. लंबी विधानसभा सीट पर 1 लाख 55 हजार 556 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का उपयोग किया. लंबी सीट पर पिछले चुनाव में सरदार प्रकाश सिंह बादल ने वोटरों से कहा था कि ये उनका आखिरी चुनाव है लेकिन अब भी जिस तरह वह लोगों से मिल रहे हैं, लगता है कि 2022 के चुनाव में भी लंबी से अपना राजनीतिक जीवन और लंबा कर सकते हैं.
प्रकाश सिंह बादल की उम्र लगभग सौ साल हो चुकी है. ऐसे में देखने वाली बात होगी कि क्या वे चुनाव लड़ते हैं या नहीं. अगर वह चुनाव नहीं लड़ते तो क्या बादल परिवार का कोई और सदस्य यहां से चुनाव लड़ेगा. प्रकाश सिंह बादल ने लंबी से 10 किलोमीटर दूर स्थित अपने गांव में खूब काम करवाए हैं. बादल ने अपने गांव में वृद्धाश्रम, कीनू ग्रेडिंग सेंटर, लड़कियों के लिए कॉलेज और हॉस्टल जिसमें शूटिंग रेंज भी है, बनवाया है. प्रकाश सिंह बादल के गांव के शूटिंग रेंज से ही निकली हैं अवनीत कौर, जिन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स में मेडल जीता था.