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फाजिल्का के शहीद को आखिरी विदाई, अंतिम दर्शन को उमड़े लोग

विदाई के दौरान स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी और इलाके के नेताओं की गैरहाजरी के कारण लोग खफा नजर आए. बता दें कि शहीद अमरसीर अपने पीछे परिवार में दो बेटियों को छोड़ गया है. शहीद होने से एक दिन पहले ही उसने अपनी बेटी को फोन पर जन्मदिन की बधाई दी थी.

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प्रतीकात्मक तस्वीर
प्रतीकात्मक तस्वीर

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असम में आतंकवादी हमले में पंजाब के फाजिल्का का जवान शहीद हो गया है. शहीद का पार्थिव शरीर आज उसके पैतृक गांव जोड़ की अंधे वाली पहुंचा, जहां उसे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई.

विदाई के दौरान स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी और इलाके के नेताओं की गैरहाजरी के कारण लोग खफा नजर आए. बता दें कि शहीद अमरसीर अपने पीछे परिवार में दो बेटियों को छोड़ गया है. शहीद होने से एक दिन पहले ही उसने अपनी बेटी को फोन पर जन्मदिन की बधाई दी थी.

अमरसीर सिंह असम में आतंकवादी हमले के दौरान शहीद हो गए थे. इसके बाद आज भारतीय सेना के अधिकारी उनके पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव लेकर पहुंचे. इस दौरान उनके अंतिम दर्शन के लिए सैलाब उमड़ पड़ा. भारतीय सेना के अधिकारी पूरे सम्मान के साथ अमरसीर के पार्थिव शरीर को लेकर आए और राजकीय सम्मान के साथ श्रद्धा सुमन अर्पित कर अंतिम विदाई दी.

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शहीद के पिता सुखमिंदर सिंह ने कहा कि उनके परिवार का एकमात्र सहारा अब उन्हें छोड़ कर चला गया है और पीछे परिवार में अपनी दो बेटियों को छोड़ गया है. उन्होंने सरकार से मांग की कि अब सरकार ही उनके परिवार का आर्थिक सहारा बने.

प्राप्त जानकारी के अनुसार भारतीय सेना के जवान शहीद अमरसीर सिंह करीब 12 साल पहले वह भारतीय सेना की सिख सिखलाईट 13 बटालियन में बतौर सिपाही भर्ती हुआ था और तीन माह पहले ही घर से वह छुट्टी काट कर ड्यूटी पर गया था.

हालांकि, इस मौके पर सत्ताधारी पार्टी के एक युवा नेता ने हाजरी जरूर लगाई और कहा कि परिवार की आर्थिक मदद के लिए वो सरकार से बात करेंगे. वहीं, उन्होंने इलाके के जिला अधिकारी की गैरहाजरी पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि इस बारे में भी हाईकमान से बात की जाएगी.

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