पंजाब के मोगा में चलती बस में छेड़छाड़ के बाद मां-बेटी को सड़क पर फेंक दिया गया. नाबालिग बेटी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि महिला गंभीर रूप से घायल हो गई.
हैरानी की बात यह है कि यह बस पंजाब के डिप्टी मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल की कंपनी की थी. बस में कुछ मनचलों ने महिला और उसकी नाबालिग बेटी से छेड़छाड़ की. दोनों ने विरोध किया और मदद की गुहार भी लगाई लेकिन बस में सवार लोगों मे से कोई उनकी मदद के लिए नहीं आया. बताया जा रहा है कि ड्राइवर, कंडक्टर व कुछ और लोगों ने मिलकर उन्हें नीचे फेंक दिया.
पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने कहा, 'हां दुर्भाग्य से बस हमारी कंपनी की है. मैं कभी इस कंपनी के ऑफिस नहीं गया. मैं सुखबीर से बात करूंगा.'
FIR दर्ज, तीन आरोपी गिरफ्तार
मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. घटना के बाद गुस्साए लोगों ने बस को घेर लिया लेकिन ड्राइवर और कंडक्टर भाग निकले. घायल महिला को सरकारी अस्पताल में दाखिल करवाया गया. लोगों ने बस को बाघापुराना थाने पहुंचा दिया है.
जानकारी के मुताबिक, गांव लंढेके की रहने वाली छिंदर कौर (38) अपनी बेटी और बेटे के साथ अपने मायके बठिंडा के गांव कोठा गुरु जा रही थीं. तीनों बुधवार देर शाम मोगा से अबोहर के लिए रवाना हुई ऑर्बिट बस में चढ़े. उस समय बस में चार से पांच लोग सवार थे. बस मोगा शहर से बाहर निकली तो उसमें सवार युवक छेड़छाड़ करने लगे. छिंदर कौर ने इस बारे में कंडक्टर से शिकायत की, लेकिन आरोप है कि वह भी युवकों के साथ मिलकर उनके साथ छेड़छाड़ करने लगा.
इतने में छिंदर कौर ने बस रोकने के लिए ड्राइवर से कहा, लेकिन उसने ऐसा करने से इनकार कर दिया. इस पर उन्होंने शोर मचाना शुरू कर दिया और टोल प्लाजा से आगे गांव गिल पहुंचने पर चलती बस से कूद गईं और उनके पीछे उनकी बेटी भी कूद गई. इस हादसे में 15 वर्षीय बेटी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि छिंदर कौर बुरी तरह से घायल हो गई हैं.