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पटियाला में बाढ़ से बचाव के लिए कैप्टन अमरिंदर सिंह की पत्नी परनीत कौर ने बड़ी नदी में चढ़ाए नत्थ-चूड़ा

पटियाला के सांसद ने प्रशासन के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा, 'हमारा पटियाला जिला प्रशासन और भारतीय सेना सभी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सराहनीय प्रयास कर रहे हैं और जरूरतमंद लोगों को बचा रहे हैं. मैं पटियाला के लोगों से समर्थन करने का आग्रह करती हूं.'

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कैप्टन अमरिंदर सिंह की पत्नी परनीत कौर ने बड़ी नदी में चढ़ाए नत्थ-चूड़ा
कैप्टन अमरिंदर सिंह की पत्नी परनीत कौर ने बड़ी नदी में चढ़ाए नत्थ-चूड़ा

पूर्व विदेश मंत्री और पटियाला से सांसद परनीत कौर ने आज अपनी बेटी जय इंदर कौर के साथ पटियाला की बड़ी नदी में सोने की नत्थ और चूड़ा चढ़ाया. परनीत कौर और जय इंदर कौर ने सबसे पहले पटियाला के ऐतिहासिक किला मुबारक में बुर्ज बाबा आला सिंह जी पर मत्था टेका, जहां पटियाला और पंजाब की सुरक्षा और समृद्धि के लिए अरदास और पूजा की गई और उसके बाद उन्होंने पटियाला की बड़ी नदी में नथ और चूड़ा चढ़ाया.

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मीडिया से बात करते हुए परनीत कौर ने कहा, 'पिछले कुछ दिनों के दौरान लगातार बारिश के कारण पंजाब के पटियाला और कई अन्य स्थानों पर बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है. यह (नथ और चूड़ा चढ़ाना) एक पुरानी परंपरा रही है.' यह पटियाला में आए 1994 की बाढ़ के दौरान भी किया गया था.

उन्होंने कहा, 'सबसे पहले हमने किला मुबारक में ऐतिहासिक बुर्ज बाबा आला सिंह जी में पूजा और अरदास की और फिर यहां मैंने और मेरी बेटी जय इंदर कौर ने पारंपरिक चीजें पटियाला की बड़ी नदी को अर्पित कीं. मैं प्रार्थना करती हूं कि भगवान आशीर्वाद दें.' हम सभी इस बड़ी समस्या से निजात पाएं जिसका हम मौजूदा समय में सामना कर रहे हैं.

पटियाला के सांसद ने प्रशासन के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा, 'हमारा पटियाला जिला प्रशासन और भारतीय सेना सभी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सराहनीय प्रयास कर रहे हैं और जरूरतमंद लोगों को बचा रहे हैं. मैं पटियाला के लोगों से समर्थन करने का आग्रह करती हूं.' जिला प्रशासन सभी की सुरक्षा के लिए लगातार प्रयास कर रहा है. यदि आवश्यक हो तो लोग प्रशासन द्वारा स्थापित विशेष आश्रयों में अस्थायी रूप से प्रवास कर सकते हैं.

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कैप्टन अमरिन्दर सिंह पर एक प्रश्न का जवाब देते हुए उन्होंने कहा, 'महाराजा कैप्टन अमरिन्दर सिंह जी आज आने वाले थे, लेकिन खराब मौसम के कारण वह यात्रा नहीं कर सके और उन्होंने मुझसे और जय इंदर से इस पारिवारिक परंपरा को पूरा करने का अनुरोध किया.'

विपक्ष की टिप्पणियों के बारे में एक सवाल पर परनीत कौर ने कहा, 'आज राजनीति करने का दिन नहीं है और हम यहां राजनेता के रूप में नहीं आए हैं, हम यहां पटियाला के नागरिक के रूप में आए हैं और मैं आप सभी से आग्रह करती हूं कि आप भी इन पर ध्यान न दें.' 

1993 में नथ चूड़ा चढ़ाया गया था
1993 में जब पटियाला में बाढ़ आई थी तब महाराजा कैप्टन अमरिंदर सिंह ने महाराजा परिवार की रीति रिवाज के अनुसार पटियाला की बड़ी नदी में पहुंचकर नथ चूड़ा चढ़ाया था और कहा जाता है कि जब भी महाराजा परिवार की ओर से यह रीति रिवाज किया जाता है तब बड़ी नदी में बाढ़ जैसे हालात काबू में आ जाते हैं और पानी का प्रकोप कम हो जाता है तो आज फिर से जब पटियाला में ऐसे 30 साल बाद बने तो राजा परिवार के अनुसार आज फिर से वही रस्म अदा की गई और अरदास के बाद बड़ी नदी में नथ चूड़ा चढ़ाया गया. 

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