scorecardresearch
 

पंजाब कांग्रेस दो फाड़ की कगार पर, सिद्धू के बाद कैप्टन ने भी अपने करीबी मंत्रियों-सांसदों की बुलाई आपात बैठक

पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले सत्तारुढ़ पार्टी कांग्रेस में जारी तनातनी खत्म होने का नाम नहीं ले रही है. अब नवजोत सिंह सिद्धू के प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर ताजपोशी से पहले पंजाब कांग्रेस दो-फाड़ होने की कगार पर पहुंच गया है.

Advertisement
X
पंजाब में नवजोत सिद्धू और कैप्टन अमरिंदर के बीच विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा (फाइल-FB)
पंजाब में नवजोत सिद्धू और कैप्टन अमरिंदर के बीच विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा (फाइल-FB)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • नवजोत सिद्धू को पंजाब कांग्रेस का अध्यक्ष बनाए जाने की तैयारी
  • सिद्धू को चीफ बनाए जाने की खबर पर कैप्टन अमरिंदर खफा
  • ऐसा नहीं कहा था कि सिद्धू कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष होंगेः हरीश रावत
  • कैप्टन ने भी की करीबी विधायकों, मंत्रियों, सांसदों संग बैठक

पंजाब में सत्तारुढ़ कांग्रेस पार्टी में जारी किचकिच खत्म होने का नाम नहीं ले रही है. नवजोत सिंह सिद्धू (Navjot Singh Sidhu) को पंजाब कांग्रेस (Punjab Congress) का अध्यक्ष बनाए जाने की खबर पर मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह (Captain Amarinder Singh) की नाराजगी के बाद सिद्धू खेमा अलर्ट हो गया है.

Advertisement

अब नवजोत सिंह सिद्धू के प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर ताजपोशी से पहले पंजाब कांग्रेस दो-फाड़ होने की कगार पर पहुंच गया है. अगर मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह खेमे ने आलाकमान पर सिद्धू की ताजपोशी रोकने का बनाया दबाव तो ऐसे में आगे की रणनीति सिद्धू खेमे के द्वारा तैयार की जा रही है. 

चंडीगढ़ में सिद्धू के साथ 5 मंत्रियों और करीब 10 विधायकों की अहम बैठक हुई. चंडीगढ़ के सेक्टर-39 स्थित पंजाब के कैबिनेट मंत्री और कैप्टन विरोधी सुखजिंदर सिंह रंधावा के घर बैठक हुई. बैठक के बाद सिद्धू पार्टी के अन्य नेताओं चरणजीत सिंह चन्नी, परगट सिंह और तृप्त राजिंदर बाजवा के साथ सुखजिंदर सिंह के घर से निकल गए. 

कैप्टन अमरिंदर की भी आपात बैठक

सूत्रों के मुताबिक अगर कैप्टन अमरिंदर सिंह के दबाव में नवजोत सिंह सिद्धू को आलाकमान पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष का पद नहीं देता है तो ऐसे में आगे की रणनीति तय की जा रही है.

Advertisement

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक इस बीच पंजाब के मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रवीन ठुकराल ने कहा कि पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह के इस्तीफे की खबरें निराधार हैं. उन्होंने न तो इस्तीफा दिया है और न ही ऐसा करने की पेशकश की है. वह 2022 के विधानसभा चुनावों में पंजाब कांग्रेस को जीत दिलाएंगे जैसा कि उन्होंने 2017 में किया था.

दूसरी ओर, नवजोत सिंह सिद्धू की बैठक के बाद कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी मोहाली के सिसवां स्थित अपने फॉर्म हाउस पर अपने करीबी विधायकों, मंत्रियों और सांसदों की आपात बैठक बुलाई.

मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के फॉर्म हाउस पर राज्य के तीन कैबिनेट मंत्री, दो विधायक और दो सांसद समेत कांग्रेस के सात नेता शामिल हुए.

कैबिनेट मंत्रियों में अरुणा चौधरी, शाम सुंदर अरोड़ा और ओपी सोनी राणा गुरमीत सोढ़ी के अलावा रमिंदर सिंह आवला, फतेह हंग बाजवा (विधायक) और गुरमीत औजला तथा जसबीर सिंह डिंपा (सांसद) बैठक में शामिल हुए. सभी नेता रात करीब साढ़े 10 बजे फॉर्म हाउस से निकल गए.

विवाद के बीच रावत की सफाई

इस बीच कांग्रेस के पंजाब प्रभारी हरीश रावत ने सिद्धू के बारे में सोनिया गांधी के साथ मुलाकात को लेकर कहा कि मैं उत्तराखंड के मसले पर मिला था, पंजाब पर नहीं. मैंने ऐसा नहीं कहा था कि सिद्धू पंजाब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष होंगे. उन्होंने कहा कि मुझसे एक सवाल पूछा गया था, जिसके जवाब में मैंने कहा था कि कई संभावनाएं हैं जिसमें ये भी एक है.

Advertisement

इसे भी क्लिक करें --- पंजाब की राजनीति में नया ट्विस्ट! कैप्टन अमरिंदर ने सिद्धू के अरमानों पर फेरा पानी

पंजाब कांग्रेस के प्रभारी हरीश रावत (Harish Rawat) ने राज्य के दोनों बड़े नेताओं के बीच चले आ रहे मतभेद के खत्म होने के संकेत दिए थे. उन्होंने कहा था कि कैप्टन अमरिंदर सिंह मुख्यमंत्री बने रहेंगे जबकि सिद्धू को पंजाब कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया जाएगा.

कैप्टन की नाराजगी के बाद क्या

हालांकि हरीश रावत के इस बयान के बाद ऐसे कयास लगाए जाने लगे थे कि पंजाब में कैप्टन अमरिंदर और नवजोत सिद्धू के बीच महीनों से जारी जंग अब खत्म हो सकती है. लेकिन इससे बात और बिगड़ती दिखाई दे रही है. सूत्रों ने बताया कि सिद्धू को पंजाब कांग्रेस का अध्यक्ष बनाए जाने की बात सामने आने के बाद से सीएम अमरिंदर सिंह नाराज हो गए हैं.

अब सूत्रों के मुताबिक खबर है कि अगर कैप्टन अमरिंदर के दबाव में सिद्धू को आलाकमान की ओर से पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष (PCC) का पद नहीं दिया जाता है तो ऐसे में आगे की रणनीति तय की जा रही है. चंडीगढ़ की बैठक में नवजोत सिंह सिद्धू के अलावा कई मंत्री और विधायक भी शामिल हुए.

 

Advertisement
Advertisement