कांग्रेस पार्टी में नवजोत सिंह सिद्धू की मुश्किलें बढ़ गई है. उनके लिए रैली आयोजित करने के आरोप में पार्टी दो नेताओं को पहले ही निलंबित कर चुकी है. अब पार्टी के कुछ नेताओं ने सिद्धू के खिलाफ भी आलाकमान को शिकायत की है. स्थानीय नेताओं ने उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है.
कांग्रेस नेताओं द्वारा सिद्धू के खिलाफ की गई शिकायत में बताया गया है कि वह पार्टी की अहम मीटिंग में शामिल नहीं हुए, बल्कि अपना शक्ति प्रदर्शन किया. 1 फरवरी को नवजोत सिंह सिद्धू के द्वारा पंजाब इलेक्शन कमेटी का मेंबर होने के बावजूद बैठक से नदारद रहकर सामानांतर पंजाब कांग्रेस नेताओं की बैठक करके उस बैठक की तस्वीरों को सोशल मीडिया पर डालने के मामले को आधार बनाया गया है.
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नवजोत सिद्धू नहीं हुए थे पार्टी की अहम मीटिंग में शामिल
पंजाब कांग्रेस संगठन और प्रदेश प्रभारी के द्वारा आयोजित इलेक्शन कमेटी की बुलाई गई बैठक में ना आकर समानांतर बैठक करके उनपर अपना शक्ति प्रदर्शन करने का आरोप लगाया गया है. इलेक्शन कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक होने के बावजूद नवजोत सिंह सिद्धू बैठक में शामिल नहीं हुए थे. इस मामले पर खुद देवेंद्र यादव ने सिद्धू को कॉल की थी और चिट्ठी भी लिखी थी लेकिन वह बैठक में शामिल नहीं हुए और ना ही कॉल-मैसेज का जवाब दिया.
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सिद्धू के लिए रैली आयोजित करने के आरोप में दो नेताओं की गई सदस्यता
कांग्रेस पार्टी के स्थानीय नेतृत्व ने बीते सप्ताह पार्टी के दो नेताओं को प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया था. महेशिंदर सिंह और उनके बेटे धर्मपाल सिंह को पार्टी से निकाला गया था. आरोप था कि इन दोनों नेताओं ने बिना इजाजत सिद्धू के लिए रैली आयोजित की थी, जिसे उन्होंने संबोधित भी किया था. स्थानीय नेता मान रहे हैं कि इसके जरिए सिद्धू ने शक्ति प्रदर्शन की. मोगा में आयोजित रैली में पार्टी के कार्यकर्ताओं ने भी शिरकत की थी.