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35 साल से पाकिस्तान की जेल में बंद नानक सिंह, परिवार को वापसी का इंतजार

पंजाब का एक गरीब किसान परिवार पिछले 35 सालों से अपने खोए बेटे की वापसी का इंतजार कर रहा है. परिवार को उम्मीद है कि उनका बेटा पाकिस्तान की जेल से छूटकर वापस जरूर आएगा. 7 साल की उम्र में नानक सिंह गलती से सहरद पार कर पाकिस्तान पहुंच गया था. तब से आजतक वो जेल में ही बंद है.

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नानक सिंह के माता-पिता (Photo Aajtak)
नानक सिंह के माता-पिता (Photo Aajtak)

  • 35 सालों से पाकिस्तान की जेल में बंद है नानक सिंह
  • पाकिस्तान ने नानक नाम बदलकर कक्कड़ सिंह रख दिया

पंजाब का एक गरीब किसान परिवार पिछले 35 सालों से अपने खोए बेटे की वापसी का इंतजार कर रहा है. पाकिस्तान बॉर्डर से सटे अजनाला गांव का रहने वाले इस परिवार को उम्मीद है कि एक दिन उनका बेटा नानक सिंह पाकिस्तान की जेल से छूटकर उनके पास जरूर आएगा. खोए बेटे की राह देख रहे माता- पिता का कहना है कि वो आखिरी सांसों तक अपने बेटे के लौटने का इंतजार करेंगे.

35 साल पहले रत्न सिंह के बेटे नानक सिंह की उम्र जब 7 साल थी. तब एक दिन वो उसे अपने साथ खेतों पर ले गए. काम में व्यस्त रत्न सिंह को पता ही नहीं चला कि कब उनका नन्हा बेटा सरहद पार कर पाकिस्तान पहुंच गया. उस समय बॉर्डर पर किसी तरह की तार नहीं लगे होते थे. गरीब और अनपढ़ पिता ने अपने बेटे को तलाशना शुरू किया और उन्हें पता चला कि वो गलती से खेलते-खेलते सरहद पार पाकिस्तान चला गया है.

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खेलते-खेलते सरहद पार पहुंच गया 7 साल का बच्चा

रत्न सिंह ने अपने बेटे के लिए पाकिस्तानी रेंजर्स से काफी मिन्नतें कीं, उन्हें उनका 7 साल का बेटा लौटा दें. उसने कोई जुर्म नहीं किया है. लेकिन बेटा लौटाने के बदले में उन्होंने पशुओं की मांग रख दी. गरीब होने के कारण वो उन्हें पशु नहीं दे सके और तब से उनका बेटा पाकिस्तान की जेल में कैद है. इस दौरान परिवार ने उसकी रिहाई के लिए जगह-जगह ठोकरें खाईं लेकिन उन्हें कहीं से कोई मदद नहीं मिली.

thumbnail_2_071620023925.jpgनानक सिंह

इस परिवार ने कई मंत्रियों और अफसरों के सामने मदद की गुहार लगाई. सिर्फ भरोसे के अलावा कुछ नहीं मिला. बाद में पाकिस्तान की जेल से छूटकर आए एक व्यक्ति ने रत्न सिंह को बताया कि उनका बेटा जेल में बंद है. लेकिन उन्होंने उसका नाम नानक सिंह से बदलकर कक्कड़ सिंह रख दिया है. नानक सिंह की मां का कहना है कि वो मरने से पहले आखिरी बार अपने खोए बेटे को देखना चाहती है.

माता-पिता को बेटे की रिहाई की उम्मीद

वो भारत सरकार से मदद मांग रही हैं. जैसे पाकिस्तान के एक बच्चे मुबाशिर बिलाल उर्फ मुबारक को उसके वतन वापस भेज दिया था. कुछ ऐसे ही कोई उनके बेटे नानक की वापसी करा दे.

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