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भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा (India-Pakistan International Border) पर स्थित बीओपी कक्कड़ के पास मंगलवार रात ड्रोन से हेरोइन की बड़ी खेप भारतीय क्षेत्र में गिराई गई. यह ड्रोन पाकिस्तान (Pakistani drone) की ओर से आया था. पाकिस्तानी ड्रोन ने 15 किलो हेरोइन गिराई है. इस दौरान बीएसएफ की एक कंपनी मौके पर पेट्रोलिंग कर रही थी.
जैसे ही ड्रोन की आवाज सुनाई दी तो बीएसएफ के जवानों ने ड्रोन पर फायरिंग कर दी, लेकिन तब तक ड्रोन वापस पाकिस्तानी सीमा में प्रवेश कर गया. इसके बाद इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया गया. सर्च के दौरान बीएसएफ को एक बैग मिला.
जब उसकी जांच की गई तो उसमें 15 किलो 5 ग्राम हेरोइन मिली. अब इस बात का पता लगाया जा रहा है कि यह हेरोइन भारत में रहने वाले किन तस्करों के लिए भेजी गई थी. पुलिस ने पुराने तस्करों का रिकॉर्ड खंगालना शुरू कर दिया है.
बीते दिनों नौसेना पकड़ी थी 12 हजार करोड़ की ड्रग्स
भारतीय नौसेना की खुफिया इकाई ( Naval Intelligence) और NCB ने एक संयुक्त अभियान में अरब सागर में बीते दिनों अब तक का सबसे बड़ा ड्रग्स कन्साइनमेंट पकड़ा था. नौसेना और NCB ने अरबी समुद्र में 2600 किलोग्राम ड्रग्स जब्त की थी. इस ड्रग्स की अंतरराष्ट्रीय बाजार के हिसाब से कीमत तकरीबन 12,000 करोड़ रुपये बताई गई.
सूत्रों के मुताबिक, जब्त की गई ड्रग्स ईरान से आ रही थी. गुजरात में बंदरगाह पर पहुंचने से पहले ही इस ड्रग्स को जब्त कर लिया गया. 2600KG ड्रग्स के साथ पकड़े गए माफिया को कोची के बंदरगाह ले जाया गया, जहां NCB और नौसेना मामले में आगे की जांच शुरू करेगी. अब इस बात का पता लगाया जा रहा है कि इस पूरे ड्रग्स रैकेट में कौन-कौन शामिल था.
भारतीय नौसेना की Naval Intelligence यूनिट को एक इनपुट मिला था. इसमें कहा गया था कि अरबी समुद्र के रास्ते कुछ ड्रग्स माफिया भारत के किसी समुद्री तट पर ड्रग्स डिलीवर करना चाहते है. इसी इनपुट के आधार पर नौसेना और NCB ने एक संयुक्त ऑपरेशन को अंजाम दिया और करोड़ों की ड्रग्स की खेप पकड़ी.
नेवी और एनसीबी ने पकड़ा था ड्रग माफिया
बीते दिनों नौसेना जहाज (INS TEG F-45) ने यह ड्रग्स कन्साइनमेंट अरेबियन सी एरिया में पकड़ा था. अधिकारियों ने एक ड्रग्स माफिया को भी गिरफ्तार किया. बता दें कि सूडान में भारतीयों को रेस्क्यू करने के लिए INS TEG को तैनात किया गया था. इसी बीच सभी भारतीयों को सूडान से रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर छोड़ने के बाद INS TEG ने इस ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया था.
बता दें कि ऑपरेशन समुद्रगुप्त के तहत नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने अलग-अलग एजेंसी के साथ मिलकर 1 साल में 40 हजार करोड़ की ड्रग्स पकड़ी. पाकिस्तान में बैठा हाजी सलीम ड्रग्स का सबसे बड़ा ऑपरेटिव है. हाल फिलहाल में सीज की गई ड्रग्स हाजी सलीम नाम का शख्स ही सप्लाई कर रहा था, जिस पर भारतीय खुफिया एजेंसियों NIA, IB, RAW, NCB की नजर थी.
समुद्र के जरिए होता है तस्करी का खेल
ड्रग्स तस्करी के इस मामले में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और अंडरवर्ल्ड कनेक्शन भी सामने आया है. भारत में आ रही ड्रग्स से पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और अंडरवर्ल्ड को भी फंडिंग मिल रही है. ऑपरेशन समुद्रगुप्त के तहत ISI की पोल खुल चुकी है. इस ड्रग्स को समुद्र के रास्ते अलग-अलग से भारत में लाया जाता है.
पाकिस्तान में बैठा हाजी अली चला रहा है सिंडिकेट
ISI का यह 'नया दाऊद' हाजी अली अब इंडियन एजेंसी के रडार पर है. पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई भारत में ड्रग्स सप्लाई कर अरबों रुपये कमा रही है. बीते दिनों आज तक/इंडिया टुडे से EXCLUSIVE बातचीत में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के डिप्टी डायरेक्टर, जनरल ऑपरेशन संजय किशोर ने बड़ा खुलासा किया था.
उन्होंने बताया था कि फरवरी, 2022 में ऑपरेशन समुद्रगुप्त लॉन्च किया गया था, जिसमें यह बात सामने आई थी कि ड्रग्स ट्रैफिकिंग के लिए समुद्र का इस्तेमाल किया जा रहा है और इसमें बड़े-बड़े सिंडिकेट शामिल हैं.
2022 में लॉन्च किया गया था ऑपरेशन 'समुद्रगुप्त'
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के डिप्टी डायरेक्टर ने बताया था कि 'हमने भारतीय नौसेना और कोस्टगार्ड की मदद से ऑपरेशन शुरू किया है. पाकिस्तान, बहरीन या दुबई बेस्ड तस्करों पर नजर रखी जा रही है. इंडियन नेवी की मदद से सबसे पहला ऑपरेशन फरवरी 2022 में लॉन्च किया था.
पहली बार NCB की टीम समुद्र के अंदर गई थी. पहली बार 7 सौ किलो ड्रग्स पकड़ा था. उसके बाद के बड़े केस देखें तो अक्टूबर 2022 में ड्रग्स पकड़ी. ऑपरेशन में खासियत ये है कि हमने खुद का सोर्स डेवलप किया, सोर्स के हिसाब से हम काम कर रहे हैं.'
संजय किशोर ने बताया था कि जब हमने कोच्चि में ड्रग्स पकड़ा था तो उस समय हमने गहरे समुद्र में ऑपरेशन चलाया था, जिसमें 6 ईरानी पकड़े थे. हाल ही में जो ऑपरेशन चलाया गया, उसमें एक महीने तक टीम समुद्र में रही और आखिरकार सफलता हासिल की.
ये सबसे बड़ा सीजर इंडिया में हुआ और इसमें हमने पाकिस्तानी नागरिक को पकड़ा है. जो पुराने ड्रग्स की बरामदगी हुई, उसकी जांच में पता चला है कि ये सिंडिकेट पाकिस्तान से ऑपरेट हो रहा है. ये लोग सामान्य तौर पर ईरानी बोट का इस्तेमाल करते हैं और मकरान कोस्ट, ग्वादर कोस्ट का प्रयोग करते हैं.'
ऐसे देते हैं चकमा
जांच में यह बात सामने आ चुकी है कि इंडियन एजेंसी को चकमा देने के लिए तस्कर ईरानी बोट का इस्तेमाल करते हैं, जबकि ऑपरेशन सिंडिकेट पाकिस्तान से संचालित हो रहा था. कराची का रहने वाला हाजी सलीम इस पूरे गिरोह को संचालित करता है और आईएसआई को भी फंडिंग करता है.
संजय किशोर ने बताया था कि हाजी सलीम तक अब तक हम नहीं पहुंच पाए हैं, हमने बहुत कोशिश की है, लेकिन इंटेलिजेंस रिपोर्ट जो है वो पाकिस्तान में है. पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री ने भी ये एडमिट किया है कि जो ड्रग्स मनी है, वो आईएसआई को फंडिंग करने में इस्तेमाल होती है. हमने कुछ इनपुट्स मालदीव और श्रीलंका को भी शेयर किए हैं. जो ड्रग्स पकड़ी गई है, इंटरनेशनल मार्केट में उसकी कीमत 40 हजार करोड़ की है.'