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क्लीनिक में लटकता मिला फिजियोथेरेपिस्ट का शव, सुसाइड नोट में एक कपल का जिक्र

अबोहर से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. यहां एक दंपती से परेशान व्यक्ति ने आत्महत्या कर ली. उसका शव घर में बने क्लीनिक में लटकता मिला. उसने भाई ने बताया कि सुसाइड नोट में उसने लिखा है कि नई आबादी निवासी एक दंपती ने किसी कंपनी में 25 लाख रुपये इन्वेस्ट करवाए थे. इसमें कुछ रुपये उसके थे, जबकि कुछ पैसे उसने अन्य लोगों के इन्वेस्ट करवाए थे.

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मामले की जांच करती पुलिस.
मामले की जांच करती पुलिस.

पंजाब के अबोहर से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. यहां एक दंपती से परेशान व्यक्ति ने आत्महत्या कर ली. वो पेशे से फिजियोथेरेपिस्ट था. उसके पास से एक सुसाइड नोट मिला है. इसमें दंपती का नाम और उससे जुड़ी कुछ बातें लिखी हुई हैं. वहीं, मामले की जांच कर रही पुलिस का कहना है कि परिवार के बयान और तहरीर के आधार पर कार्रवाई की जा रही है.

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दरअसल, दिनेश कुमार लखीरा (25 साल) अबोहर की नई आबादी गली नंबर-13 में रहता था. उसके द्वारा उठाए गए खौफनाक कदम की जानकारी मिलते ही एसएसआई भूपेंद्र सिंह टीम के साथ मौके पर पहुंचे. शव को सरकारी अस्पताल पहुंचाया. पुलिस को मृतक के पास से एक सुसाइड नोट मिला. 

इस मामले में दिनेश के भाई मुकेश ने बताया कि सुबह जब वो उठा तो देखा कि भाई का शव घर में ही बने क्लीनिक में लटक रहा था. ये देखकर उसके होश उड़ गए. उसने नर सेवा समिति के प्रधान को सूचना दी. वो मौके पर पहुंचे और सिटी नंबर-2 की पुलिस को सूचना दी. इस पर एएसआई भूपेंद्र सिंह पहुंचे और लटक रहे शव को नीचे उतारकर सरकारी अस्प्ताल पहुंचाया.

भाई के पास से मिले सुसाइड नोट में दिनेश ने लिखा है कि नई आबादी निवासी एक दंपती ने किसी कंपनी में 25 लाख रुपये इन्वेस्ट करवाए थे. इसके बाद कंपनी भाग गई. 25 लाख में कुछ रुपये उसके थे, जबकि कुछ पैसे उसने अन्य लोगों के इन्वेस्ट करवाए थे. उसने सुसाइड नोट में अपनी जीवन लीला समाप्त करने का जिम्मेदार दंपती को ठहराया है. इस मामले में एएसआई भूपेंद्र सिंह ने बताया कि परिजनों के बयान के आधार पर कारवाई की जा रही है.

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नोट:- (अगर आपके या आपके किसी परिचित के मन में आता है खुदकुशी का ख्याल तो ये बेहद गंभीर मेडिकल एमरजेंसी है. तुरंत भारत सरकार की जीवनसाथी हेल्पलाइन 18002333330 पर संपर्क करें. आप टेलिमानस हेल्पलाइन नंबर 1800914416 पर भी कॉल कर सकते हैं. यहां आपकी पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी और विशेषज्ञ आपको इस स्थिति से उबरने के लिए जरूरी परामर्श देंगे. याद रखिए जान है तो जहान है.)

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