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दबाव में आकर प्रेमी पर लगाया रेप का आरोप, हाईकोर्ट ने दी राहत

हाईकोर्ट ने कहा कि अगर पार्टनर पर रेप का आरोप लगता है और बाद में उन दोनों की शादी हो जाती है तो उनके बीच समझौते के बाद आरोप हटाया जा सकता है.

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पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने प्रेम संबंधों में पार्टनर पर रेप का आरोप लगाने के एक मामले में बड़ा फैसला सुनाया है. हाईकोर्ट ने कहा कि अगर पार्टनर पर रेप का आरोप लगता है और बाद में उन दोनों की शादी हो जाती है तो उनके बीच समझौते के बाद आरोप हटाया जा सकता है.

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हाई कोर्ट ने एक युवक की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया है. युवक पर उसकी प्रेमिका ने अपने परिजनों के दबाव में रेप का आरोप लगाया था, लेकिन में बाद में उन दोनों की शादी हो गई. जज राजमोहन सिंह ने युवक पर लगे रेप के आरोप हटाने का आदेश दिया. उन्होंने कहा कि ऐसे केस का कोई नतीजा नहीं निकलेगा और इसका गलत असर दोनों के शादीशुदा जीवन पर पड़ेगा.

शादी के लिए राजी नहीं थे घरवाले
जानकारी के मुताबिक, संगरूर जिले के युवक-युवती के बीच प्रेम संबंध था. दोनों शादी करना चाहते थे, लेकिन घरवाले राजी नहीं हुए तो दोनों घर से भाग गए. हालांकि घरवालों ने उनका पता लगा लिया और बाद में लड़की के परिजनों ने 25 सितंबर 2014 को युवक के खिलाफ रेप का केस दर्ज करा दिया. हालांकि कुछ समय बाद लड़की के परिजनों ने उनके रिश्ते को मंजूरी दे दी और दोनों ने 28 सितंबर को एक गुरुद्वारे में शादी कर ली. दोनों ने मैरिज रजिस्ट्रेशन भी करवा लिया.

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शादी के बाद युवक ने खुद पर लगे रेप के आरोप को हटाने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की. हाईकोर्ट के निर्देशों पर युवक-युवती को कोर्ट में पेश कर उनके बयान दर्ज कराए गए. जिसके बाद जज ने कहा कि ऐसे मामले में रेप केस की सुनवाई जारी रखना न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग होगा. उन्होंने युवक पर लगे आरोप हटाने का आदेश दिया.

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